‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज का रास्ता साफ
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MIB ले प्रमाणन को चुनौती देने वाली सभी पुनरीक्षण याचिकाओं को किया खारिज
उदयपुर। 6 अगस्त
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने विवादास्पद फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ के प्रमाणन को चुनौती देने वाली सभी पुनरीक्षण याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिससे इसके सार्वजनिक रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। ऐसी स्थिति में उदयपुर फाइल्स अब आठ अगस्त को रिलीज हो सकती है। जिसकी रिलीज को लेकर उसके निर्माता अमित जॉनी ने इसके आठ अगस्त को रिलीज किए जाने की घोषणा की है।
यह निर्णय हफ़्तों तक चले कानूनी विवादों, कई अपीलों और फ़िल्म के कथित सांप्रदायिक निहितार्थों और न्यायिक विचाराधीन मामलों के चित्रण से उपजे व्यापक जन-ध्यान के बाद आया है। 6 अगस्त को जारी अपने अंतिम निर्णय में मंत्रालय ने कई प्रमुख निष्कर्षों की पुष्टि की। संशोधन प्राधिकरण ने निर्धारित किया कि केंद्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने उचित प्रक्रिया का पालन किया था और प्रमाणन प्रदान करते समय कोई प्रक्रियात्मक त्रुटि नहीं की थी। इसने उल्लेख किया कि फ़िल्म निर्माताओं ने सीबीएफसी द्वारा आवश्यक 55 कट्स का पालन किया था और अतिरिक्त स्वैच्छिक संपादन भी किए थे। इसके अलावा, आदेश में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि प्रमाणन को रद्द करने के लिए कोई नया साक्ष्य या ठोस तर्क प्रस्तुत नहीं किया गया था।
सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 की धारा 6(2) का हवाला देते हुए, मंत्रालय ने निष्कर्ष निकाला कि फ़िल्म के वर्गीकरण को निलंबित करने या बदलने का कोई वैध आधार नहीं था। इसने रेखांकित किया कि कार्यवाही के दौरान सभी संबंधित पक्षों को अपने विचार प्रस्तुत करने का उचित अवसर प्रदान किया गया था। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार धारा 6 सरकार को सेंसर बोर्ड द्वारा किसी फिल्म का प्रमाणन रद्द करने और उसके प्रदर्शन को निलंबित करने का अधिकार देती है।
1 अगस्त को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि केंद्र सरकार ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ में छह कट लगाने की सिफारिश करने वाले अपने निर्देश को वापस लेने का फैसला किया है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के बयान पर गौर करते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग वाली दो याचिकाओं का निपटारा कर दिया।
गौरतलब है कि फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स: कन्हैया लाल टेलर मर्डर’ हाल ही में सुर्खियों में रही है, जब से दिल्ली उच्च न्यायालय ने 11 जुलाई को इसकी रिलीज पर रोक लगाने का आदेश दिया था। यह फिल्म राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी कन्हैया लाल की 2022 में हुई हत्या पर आधारित है, जिसकी दिनदहाड़े दो लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी।
