चित्तौड़गढ़ रेप और हत्याकांड: चौंकाने वाला खुलासा, ‘लड़की को जिंदा फेंका गया’
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उदयपुर। 9 अगस्त
11वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुए रेप और हत्या मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी ने रेप के बाद छात्रा को मरा समझकर नहीं, बल्कि जिंदा ही एक खाली प्लॉट में फेंक दिया था, जहां पानी भरा हुआ था। अत्यधिक खून बहने के बाद बेहोशी की हालत में वह कई घंटों तक पानी में पड़ी रही, जिसके कारण उसके फेफड़ों में पानी भर गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी भूपेंद्र पुष्करणा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग दोस्त को हिरासत में लिया गया है।
4-5 घंटे लहूलुहान हालत में पड़ी रही छात्रा
डीएसपी विनय चौधरी ने बताया कि रेप के बाद हुए अत्यधिक रक्तस्राव से घबराकर भूपेंद्र ने अपने नाबालिग दोस्त की मदद से छात्रा को निंबाहेड़ा रोड स्थित एक खाली प्लॉट के पानी में फेंक दिया। जिस वक्त उसे वहां फेंका गया, वह बेहोश थी, लेकिन सांसें चल रही थीं। शुरुआती जांच में पता चला है कि उसके फेफड़ों में पानी भरा हुआ था। लड़की शारीरिक रूप से काफी कमजोर थी और लगभग 4-5 घंटों तक उसी हालत में पड़ी रही।
छात्रा की मां और छोटी बहन ने बताया कि उसने हाल ही में दो साल के गैप के बाद 11वीं कक्षा में दाखिला लिया था और वह टीचर बनना चाहती थी। वह घर से पहली बार अकेली बाहर निकली थी। परिवार को इस बात का गहरा सदमा लगा है।
सीसीटीवी से मिला सुराग, पुलिस ने जोड़ी कड़ियां
छात्रा 6 अगस्त को स्कूल बैग लाने के बहाने घर से निकली थी। सीसीटीवी फुटेज में उसे आरोपी भूपेंद्र पुष्करणा के साथ बाइक पर जाते देखा गया। आरोपी उसे अपने नाबालिग दोस्त के किराए के कमरे पर ले गया, जहां रेप की वारदात को अंजाम दिया गया।
रेप और ब्लीडिंग के बाद दोनों ने मिलकर बेहोश छात्रा को बाइक से तीन किलोमीटर दूर तुलसी एनक्लेव के पास पानी भरे प्लॉट में फेंक दिया। इसके बाद भूपेंद्र रतलाम भाग गया, जबकि नाबालिग दोस्त अपने कमरे पर लौट आया। मकान मालिक को कमरे में खून के निशान देखकर शक हुआ, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना देने के लिए दबाव डाला। इसी बीच, छात्रा के परिजनों ने भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों अलग-अलग सूचनाओं को जोड़कर मामले की तह तक पहुंची और आरोपियों को हिरासत में लिया। पुलिस अब आरोपी के फेंके गए मोबाइल फोन की तलाश कर रही है।
फिर जेहन में उभरा ‘निर्भया कांड’
-आरोपियों ने छात्रा के साथ बर्बरता तो की ही, उसे तड़पता हुआ मरने के लिए फेंक गए। आखिरी वक्त में मृतक छात्रा कितना तड़पी होगी, सोचकर ही मन सिहर उठता है। चित्तौड़गढ़ के इस रेप काण्ड ने एक बार फिर जेहन में ‘निर्भया’ काण्ड की यादों को जेहन में ताजा कर दिया है। आमजन यही कह रहा है कि आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा मिले ताकि मृतका को न्याय मिल सके और ऐसी सोच रखने वालों को सबक।
