तीन दिन की छुट्टियों का असर, पर्यटन स्थलों पर उमड़ी भीड़
Share
उदयपुर—चित्तौड़—कुंभलगढ़ से लेकर नाथद्वारा तक सैलानियों का सैलाब
उदयपुर, 16 अगस्त: स्वतंत्रता दिवस और उसके बाद के दो दिन के वीकेंड ने तीन दिन की लंबी छुट्टियों का तोहफा दिया, जिसका सीधा असर उदयपुर संभाग के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिखाई दिया। उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, नाथद्वारा समेत मेवाड़ के लगभग सभी पर्यटन केंद्रों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर लंबी कतारें, ट्रैफिक जाम
शनिवार को चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर सुबह से शाम तक भारी भीड़ रही। हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंचे, जिससे किला रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम से लोग परेशान रहे। बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी और उमस ने और मुश्किल में डाल दिया। भीड़ इतनी अधिक थी कि मोबाइल नेटवर्क भी जाम हो गया और लोग कॉल व इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सके। हालांकि, ऐतिहासिक किले की भव्यता ने हर किसी को आकर्षित किया और विजयस्तंभ, पद्मिनी महल, कुम्भा पैलेस व म्यूजियम में लोगों का तांता लगा रहा।
कुंभलगढ़ दुर्ग और जंगल सफारी का आकर्षण
विश्व धरोहर सूची में शामिल कुंभलगढ़ दुर्ग भी छुट्टियों में पर्यटकों से खचाखच भरा नजर आया। दुर्ग की ऊंची दीवारें, प्राकृतिक हरियाली और व्यू प्वाइंट पर सैलानियों की भीड़ रही। यहां रात के समय होने वाला लाइट शो भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बना। कुंभलगढ़ वाइल्डलाइफ सेंचुरी में भी ट्रैकिंग और सफारी के लिए पर्यटकों की भीड़ देखी गई।
झीलों की नगरी उदयपुर में रौनक
उदयपुर में पिछोला, फतहसागर और उदयसागर झीलों के किनारे पर्यटकों की चहल-पहल देखने लायक रही। बोटिंग प्वाइंट्स पर लंबी कतारें लगीं। सिटी पैलेस, सहेलियों की बाड़ी, मोती मगरी और करणी माता रोपवे पर भी हजारों की संख्या में सैलानी पहुंचे। झीलों पर ढलते सूरज के साथ नौका विहार का आनंद पर्यटकों के लिए यादगार रहा। होटल और रेस्टोरेंट्स में भी भारी भीड़ से स्थानीय पर्यटन कारोबारियों की कमाई बढ़ी।
नाथद्वारा में श्रद्धालुओं का सैलाब
श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा में छुट्टियों का खासा असर रहा। गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। मंदिर के दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा। बाजारों और होटल-धर्मशालाओं में भी जबरदस्त रौनक रही।
स्थानीय लोगों और कारोबारियों को राहत
पर्यटकों की आमद से गाइड, फोटोग्राफर, होटल व्यवसायी, घुड़सवारी कराने वाले और स्ट्रीट वेंडर्स की कमाई में इजाफा हुआ। खाने-पीने की दुकानों और बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। तीन दिन की छुट्टियों ने पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा दी। हालांकि, ट्रैफिक जाम, उमस और नेटवर्क समस्या ने कई पर्यटकों को परेशान भी किया। फिर भी ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य ने लोगों का मन मोह लिया।
