LOADING

Type to search

भारत की लेजर मारक क्षमता का चीन ने माना लोहा

National

भारत की लेजर मारक क्षमता का चीन ने माना लोहा

Share

दुनिया के सात देशों में शामिल हुआ भारत, हाई पावर लेजर वेपन सिस्टम का सफल परीक्षण
नई दिल्ली। 25 अगस्त
भारत की हाई पावर लेजर बेस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) क्षमता को चीन ने सराहा है। भारत ने हाल ही में इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वीपन सिस्टम (IADWS) के तहत कम और मध्यम दूरी तक मार करने वाली इस प्रणाली का परीक्षण किया। बीजिंग स्थित एयरोस्पेस नॉलेज मैग्जीन के मुख्य संपादक और सैन्य विशेषज्ञ वांग या’नान ने इसे भारत की उल्लेखनीय प्रगति बताया।
आइएडीडब्ल्यूएस एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें स्वदेशी तकनीक से बनी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (QRSAM), कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) और उच्च क्षमता की लेजर आधारित हथियार प्रणाली शामिल हैं। इसके जरिए दुश्मन के ड्रोन, क्रूज मिसाइलें, हेलीकॉप्टर और नीची उड़ान वाले लड़ाकू विमानों को सीमित दायरे में आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।
चीन के विशेषज्ञों ने माना कि इस प्रणाली की ताकत उन्नत सूचना प्रणाली में है, जो लक्ष्य से जुड़े डेटा को तुरंत हथियार प्रणाली तक पहुंचाती है। वांग ने कहा कि दुनिया में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, जर्मनी, इजरायल और अब भारत ही ऐसे देश हैं जिनके पास युद्ध के लिए तैयार लेजर प्रणाली मौजूद है।
उन्होंने चीन की अपनी एलडब्ल्यू-30 लेजर रक्षा प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकाश की गति से हमला करने वाली यह तकनीक ड्रोन किलर के रूप में जानी जाती है। यह न केवल शांत और सटीक है बल्कि लचीली व किफायती भी है।
भारत का यह कदम रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे उसकी स्थिति वैश्विक रक्षा महाशक्तियों की कतार में और मजबूत हो गई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *