उदयपुर में बारिश से उफने नदी-नाले, ऋषभदेव में मकान ढहने से एक की मौत
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फतहसागर झील 12 फीट पार, उदयसागर, आकोदड़ा के गेट खोले, खेरवाड़ा में पुलिया बही
उदयपुर। 25 अगस्त
झीलों की नगरी उदयपुर और आस-पास के क्षेत्रों में रविवार रात से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जिलेभर में नदी-नाले उफान पर हैं। खेरवाड़ा में सर्वाधिक 152 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि बावलवाड़ा में 145 और ओगणा में 91 मिमी पानी बरसा। खेरवाड़ा के अकोट गांव में कई मकान व दुकानें डूब गईं और पुलिया बह जाने से यातायात बाधित रहा।
ऋषभदेव में हादसा, एक की मौत
ऋषभदेव उपखंड क्षेत्र के पादेड़ी गांव में केलूपोश मकान ढह गया। इस हादसे में डूंगर पुत्र मंगला मीणा की दबकर मौत हो गई। वहीं गोगुंदा के वीरपुररा गांव में एक और कच्चा मकान गिरने से पांच लोग मलबे में दब गए, जिन्हें ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
झीलों और बांधों में उफान
लगातार बारिश से उदयपुर की झीलें लबालब हो उठीं। फतहसागर झील का जलस्तर 12 फीट पार कर गया। मदार तालाब ओवरफ्लो होने से नहर के जरिए पानी झील में आया।
स्वरूप सागर और थूर की पाल से पानी छलकने पर उदयसागर और आकोदड़ा बांध के गेट खोले गए। पिछोला झील में बढ़ती आवक के चलते स्वरूप सागर के चार गेट खोले रखे गए। झाड़ोल, गोगुंदा, ओगणा और खेरवाड़ा क्षेत्र में नदी-नालों के उफान से मार्ग अवरुद्ध रहे। सोम नदी और टीडी नदी खतरनाक स्तर पर बह रही हैं। ओगणा बांध 35 फीट तक भर गया, जबकि मोहम्मद फलासिया बांध और नागमाला तालाब छलक गए।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
जिला कलेक्टर नमित मेहता ने बारिश प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने आकोदड़ा और मानसी वाकल बांध का अवलोकन कर प्रशासनिक अधिकारियों को पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। साथ ही आमजन को तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से रोकने के आदेश दिए।
जिले में सर्वाधिक बारिश खेरवाड़ा में 152 मिमी
जल संसाधन विभाग के अनुसार 24 घंटों में जिले में सर्वाधिक बारिश खेरवाड़ा में 152 मिमी दर्ज की गई। जबकि बावलवाड़ा में 145 मिमी, झाड़ोल में 78 मिमी, सोम कागदर में 93 मिमी, ऋषभदेव में 75 मिमी, सलूम्बर में 88 मिमी, जयसमंद में 52 मिमी, गोगुंदा में 49 मिमी और उदयपुर शहर में 27 मिमी दर्ज की गई।
हालात चिंताजनक, सतर्कता जरूरी
बारिश से कई जगह सड़कें बाधित, पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त और मकान ढहने की घटनाओं ने हालात को गंभीर बना दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाएं और सतर्कता बरतें।
