एएसआईपी तकनीक : तेज और सटीक इलाज की दिशा में नया कदम
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न्यूरल सिग्नल प्रोसेसिंग और मेडिकल मशीनों को मिलेगी नई रफ्तार
उदयपुर। 29 अगस्त
हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर के प्रोफेसर मनोज कुमार जैन और कंप्यूटर साइंस के शोधार्थी नरेश कुमार जणवा ने नई तकनीक विकसित की है। यह तकनीक एप्लीकेशन स्पेसिफिक इंस्ट्रक्शन सेट प्रोसेसर (ASIP) पर आधारित है, जो न्यूरल सिग्नल डिकोडिंग और मेडिकल डिवाइसों को तेज और सटीक बनाने में मदद करेगी।
इस प्रोसेसर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह ब्रेन-सिग्नल जैसे जटिल डेटा को रीयल-टाइम में डिकोड कर सकता है। इसका सीधा फायदा न्यूरोसर्जरी, ब्रेन-मशीन इंटरफेस, ईसीजी मॉनिटरिंग, आर्टिफिशियल लिम्ब और न्यूरोप्रोस्थेटिक्स जैसे क्षेत्रों में मिलेगा। तकनीकी विशेषज्ञों ने इस आविष्कार को लेकर यूटिलिटी पेटेंट का आवेदन किया है। भारतीय पेटेंट कार्यालय ने इसका प्रकाशन हाल ही में भारतीय पेटेंट जर्नल में किया है।
क्या हैं प्रमुख फायदे
लो पावर, हाई स्पीड प्रोसेसिंग: यह पारंपरिक GPU की तुलना में बेहद कम ऊर्जा खर्च करता है। इससे पोर्टेबल और वायरलेस मेडिकल डिवाइस की बैटरी लाइफ बढ़ जाएगी।
कस्टम हार्डवेयर डिजाइन: प्रोसेसर को हर मेडिकल जरूरत के अनुसार डिजाइन किया जा सकता है, जिससे एफिशिएंसी बढ़ेगी और डिले कम होगा।
रीयल-टाइम प्रोसेसिंग: ब्रेन सिग्नल्स को नैनो सेकंड लेवल पर डिकोड करने की क्षमता। इससे न्यूरो डिवाइस का रिस्पॉन्स टाइम बेहतर होगा और मरीजों को तुरंत राहत मिल सकेगी।
बेहतर मेडिकल सपोर्ट: वेंटिलेटर, ईसीजी, ब्रेन पेसिंग सिस्टम और न्यूरो-इम्प्लांट जैसे उपकरण ज्यादा तेज और सटीक तरीके से काम करेंगे।
क्यों है यह तकनीक खास
पारंपरिक CPU या GPU की तुलना में ASIP कई गुना तेज और ऊर्जा की बचत करने वाला है। खास मेडिकल एप्लिकेशनों के लिए इसका कस्टमाइजेशन संभव है, जिससे गंभीर मरीजों को रीयल-टाइम इलाज मिल सकेगा। शोधकर्ताओं का उद्देश्य यही था कि जटिल न्यूरल सिग्नल प्रोसेसिंग को आसान और तेज बनाया जाए, ताकि आपात स्थितियों में मरीजों का इलाज बिना देरी के हो सके।
भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में ASIP आधारित मेडिकल डिवाइस मरीजों को फास्ट डायग्नोसिस, कम इनवेसिव सर्जरी और ज्यादा भरोसेमंद मेडिकल सपोर्ट देंगे। यह तकनीक हेल्थकेयर सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और कई जिंदगियां बचाने में मददगार साबित होगी।
