खनन और क्रेशर उद्योग की हड़ताल शुरू
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रॉयल्टी दर घटाने और नियमों में संशोधन की मांग
चित्तौड़गढ़ में व्यापारी बोले- महंगी रॉयल्टी से उद्योग संकट में, सरकार ले निर्णय
उदयपुर। 7 अगस्त
चित्तौड़गढ़जिले में खनन और क्रेशर उद्योग से जुड़े व्यापारियों ने 25 प्रतिशत बढ़ी हुई रॉयल्टी के विरोध में गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। यह आंदोलन चित्तौड़गढ़ पत्थर उत्पादक सेवा समिति, मानपुरा के अध्यक्ष खुमान सिंह राणावत के नेतृत्व में चल रहा है। व्यापारियों ने जिला कलेक्टर आलोक रंजन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
रॉयल्टी घटाने और नीति में समानता की मांग
व्यापारियों ने बताया कि रॉयल्टी दरों में 25 प्रतिशत की वृद्धि पहले से ही महंगी लागत झेल रहे उद्योग के लिए घातक है। साथ ही, अन्य जिलों में अलग-अलग रॉयल्टी दरें लागू होने से प्रतिस्पर्धा में असमानता आ रही है।
ड्रोन सर्वे और खनन नियमों में राहत की मांग
व्यापारियों ने ड्रोन सर्वे से जुड़े नियमों को व्यावहारिक बनाने और छोटे खनिजों पर भी आईबीएम जैसे एसओपी लागू करने की मांग की। साथ ही, 2017 में लागू आरएमएमसीआर नियमों व पर्यावरण स्वीकृति प्रक्रियाओं में सरलता की आवश्यकता जताई।
उद्योग दर्जा व एमनेस्टी स्कीम खत्म करने की अपील
व्यापारियों ने खनन और क्रेशर व्यवसाय को पूर्णत: उद्योग का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि इससे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने परिवहन विभाग की एमनेस्टी स्कीम समाप्त करने, गलत चालानों से बचाव और पट्टों की ट्रांसफर प्रक्रिया सस्ती करने की बात भी रखी। इस हड़ताल में कई प्रमुख व्यवसायी शामिल हुए। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार सकारात्मक कदम नहीं उठाती, आंदोलन जारी रहेगा।
