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थाने का रीडर और हैडकांस्टेबल रिश्वत लेते गिरफ्तार

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थाने का रीडर और हैडकांस्टेबल रिश्वत लेते गिरफ्तार

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-रीडर 20 हजार के साथ और हैडकांस्टेबल 2 हजार के साथ गिरफ्तार
-गोवर्धन विलास का हैडकांस्टेबल कोर्ट परिसर में ले रहा था रिश्वत

उदयपुर। 4 अगस्त
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) उदयपुर की टीम ने सोमवार को दो बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस के एक रीडर को 20 हजार और एक हैडकांस्टेबल को 2 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। रीडर राजसमंद जिले के खमनोर थाने और हैडकांस्टेबल उदयपुर शहर के गोवर्धनविलास थाने का है।
एसीबी के अनुसार आरोपी कृष्ण कुमार मीणा पुत्र सरदाराराम निवासी मोठुका तहसील नीम का थाना जिला सीकर वर्तमान में हैडकांस्टेबल नं. 447 थाना खमनोर में तैनात था। वह रीडर का कार्य कर रहा था। परिवादी यशपाल सिंह चौहान पुत्र भूर सिंह निवासी कल्ला खेड़ी विरान पोस्ट गुंजोल तहसील नाथद्वारा जिला राजसमंद ने 1 अगस्त को एसीबी कार्यालय में रिपोर्ट दी थी कि खमनोर थाने में दर्ज प्रकरण में लूट का आरोपी न बनाने और जब्त की गई गाड़ी को छोड़ने के एवज में उससे थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत के नाम पर 25 हजार की रिश्वत मांगी जा रही है। जबकि, परिवादी ने शिकायत में यह भी बताया कि 35 हजार की राशि पहले ही वसूली जा चुकी थी।
शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी की टीम ने 4 अगस्त को आरोपी कृष्ण कुमार मीणा को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मामले में थानाधिकारी शैतान सिंह की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक डॉ. सोनू शेखावत ने किया, जबकि सुपरविजन उपमहानिरीक्षक प्रहलाद सिंह कृष्णियां का था।
एसीबी ने दूसरी कार्रवाई में उदयपुर के गोवर्धनविलास थाने के हैडकांस्टेबल को कोर्ट परिसर में 2 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार आरोपी पुलिसकर्मी संजय कुमार मीणा हैड कांस्टेबल नंबर 2619 है। मामला तब सामने आया जब काया निवासी परिवादिया लक्ष्मी बाई अपने रिश्तेदार भगवाना के साथ एसीबी कार्यालय पहुंची और लिखित में शिकायत दर्ज कराई कि उसका पति होमा एक्साइज एक्ट में गिरफ्तार होकर गोवर्धन विलास थाने में बंद है। आरोपी हैड कांस्टेबल ने उसके पति को मारपीट से बचाने और समय पर कोर्ट में पेश कर जमानत दिलवाने के नाम पर 2 हजार रुपए की रिश्वत की मांगी थी।
एसीबी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनंत कुमार के निर्देशन में सत्यापन कार्रवाई की गई। इस दौरान आरोपी ने 1500 रुपए थाना परिसर में लिए और शेष राशि कोर्ट में उपलब्ध करवाने को कहा। इसके बाद एसीबी निरीक्षक नरपत सिंह और उनकी टीम ने अदालत परिसर में जाल बिछाकर आरोपी को 1000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी संजय कुमार मीणा को हिरासत में लिया गया और उसके निवास स्थान की तलाशी भी ली जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एक ही दिन में दो पुलिस थानों के सिपाहियों पर एसीबी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुया है।

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