धरियावद के किसानों की ऐतिहासिक जीत
Share
27 साल बाद हटाई गई कृषि मण्डी निर्माण पर रोक, हाईकोर्ट के फैसले से क्षेत्र में खुशी की लहर
प्रतापगढ़। 24 अगस्त
प्रतापगढ़ जिले के धरियावद क्षेत्र के किसानों का 27 वर्षों का संघर्ष आखिरकार रंग लाया। माननीय उच्च न्यायालय ने धरियावद कृषि उपज मण्डी निर्माण पर लगी रोक को हटाते हुए किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस फैसले से पूरे क्षेत्र में उत्साह और जश्न का माहौल है।
1989 में शुरू हुआ सपना, 2000 में लगी रोक
धरियावद में गौण मण्डी यार्ड निर्माण की प्रक्रिया 1 अप्रैल 1989 को भूमि अवाप्ति विज्ञप्ति के साथ शुरू हुई। 1990 में गजट नोटिफिकेशन और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हुई। लेकिन खातेदारों की ओर से दायर याचिका के चलते मामला वर्षों तक अदालत में लंबित रहा। हालांकि बजट स्वीकृत होने और चारदीवारी व गेट निर्माण की योजना बनने के बावजूद 7 अप्रैल 2000 को न्यायालय से रोक लग गई और काम ठप हो गया। तब से किसानों की यह मांग अधर में लटकी रही।
किसानों और संगठनों का संघर्ष
धरियावद ब्लॉक के किसान, जो जाखम बांध के पानी से भरपूर उपज लेते हैं, मण्डी न होने के कारण मजबूरी में फसल औने-पौने दामों पर बेचते आ रहे थे। भील प्रदेश किसान मोर्चा और भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के बैनर तले समय-समय पर आंदोलन और ज्ञापन दिए गए।
विधायक थावर चन्द डामोर की पहल
2023 में विधायक बने थावर चन्द डामोर, जो स्वयं किसान परिवार से आते हैं, ने विधानसभा से लेकर मंत्रिमंडल तक इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण में उल्लेख किया, तारांकित प्रश्न लगाए और कई बार मंत्री व मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
किसानों की जीत – धरियावद में बनेगी मण्डी
लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार उच्च न्यायालय ने किसानों के पक्ष में निर्णय दिया। अब धरियावद कृषि मण्डी के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
विधायक थावर चन्द डामोर ने कहा—
“यह केवल मेरी नहीं, बल्कि हर उस किसान की जीत है जिसने अपनी उपज का उचित मूल्य पाने के लिए वर्षों संघर्ष किया। अब धरियावद में कृषि मण्डी का निर्माण शीघ्र होगा और किसानों को न्याय मिलेगा।” इस फैसले से किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे और धरियावद की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी।
