LOADING

Type to search

पीएचसी से जिला अस्पताल तक नि:शुल्क जांचें अब निजी हाथों में

Uncategorized

पीएचसी से जिला अस्पताल तक नि:शुल्क जांचें अब निजी हाथों में

Share

पीएचसी से जिला अस्पताल तक नि:शुल्क जांचें अब निजी हाथों में
राजस्थान में लागू होगा ‘हब एंड स्पोक मॉडल’; 1333 चिकित्सा संस्थानों में मदर हब व हब लैब स्थापित होंगी
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): राजस्थान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव की तैयारी कर चुकी है। मुख्यमंत्री नि:शुल्क जांच योजना (MNJY) के तहत प्रदेश में 3 अक्टूबर से ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ लागू कर दिया गया है, जिसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से लेकर जिला अस्पताल तक अधिकांश जांचें अब निजी हाथों में संचालित होंगी। इसका उद्देश्य राज्यभर के मरीजों को तेज, सटीक और आधुनिक लैब सेवाएं उपलब्ध कराना है।
राज्य सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए मैसर्स TCIL और मैसर्स KRSNAADIGONOSTICS लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। अनुबंध के तहत प्रदेश के 1333 सरकारी चिकित्सा संस्थानों की मौजूदा लैबों का नवीनीकरण कर उन्हें मदर लैब, हब लैब और स्पोक लैब में बदला जाएगा। निजी एजेंसी को उपकरण, रिएजेंट्स, कंज्यूमेबल्स, प्रशिक्षित स्टाफ और 24×7 सेवा संचालन की पूरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष रूप से यह अनिवार्य किया गया है कि सभी मशीनें USFDA या European CE Certified होंगी और किसी भी स्थिति में सेकेंड हैंड उपकरणों का उपयोग नहीं किया जाएगा।
कठोर गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था
योजना के तहत मदर लैब में ISO 15189 मानकों के अनुसार एक पैथोलॉजिस्ट, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और बायोकेमिस्ट की नियुक्ति अनिवार्य होगी। लैब तकनीशियनों के लिए 10+2 (बायोलॉजी), DMLT और पैरामेडिकल काउंसिल में पंजीकरण आवश्यक किया गया है। गुणवत्ता बनाये रखने के लिए सभी सैंपलों का त्रैमासिक EQAS/IQC मूल्यांकन होगा। नमूने देश के प्रमुख संस्थानों—CMC वेल्लोर, AIIMS, टाटा मेमोरियल और NIV पुणे—को भेजे जाएंगे।
टेक्नोलॉजी आधारित सेवा एवं रिपोर्टिंग
मदर और हब लैबों में 24×7 सैंपल कलेक्शन की सुविधा रहेगी, जबकि स्पोक केंद्र यानी पीएचसी में यह सेवा कार्य समय के अनुसार उपलब्ध होगी। सभी रिपोर्ट मरीजों को मोबाइल, ईमेल और ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। सेवा प्रदाता LIS (Laboratory Information System) विकसित करेगा और कंप्यूटर, प्रिंटर सहित पूरा हार्डवेयर उपलब्ध कराएगा। अनुबंध समाप्त होने पर यह उपकरण एनएचएम की संपत्ति बन जाएंगे।
सरकारी अस्पताल जाने वाले मरीजों के लिए पूरी तरह निःशुल्क
सरकारी अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों को जांचें पूरी तरह नि:शुल्क मिलेंगी। हालांकि निजी चिकित्सकों या निजी अस्पतालों से रेफर मरीज इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
योजना के तहत जिला अस्पताल, उप जिला एवं सेटेलाइट अस्पताल और सीएचसी स्तर पर मदर हब लैब स्थापित की जाएगी। पीएचसी स्तर पर जो जांचें संभव नहीं होंगी, उनके लिए मरीजों को मदर हब लैब में रेफर किया जाएगा।
उदयपुर के सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि विभाग और निजी एजेंसी के बीच एमओयू हो चुका है। जिला स्तर पर भूमिका और कार्य-प्रणाली से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द प्राप्त होंगे।
&&&&

आदिवासियों को धर्मान्तरित करने का षडयंत्र: सनी टोप्पो उरांव
बीएपी नेताओं पर आरोप, वागड़ में जागरूकता अभियान का ऐलान
udr aadiwasi
उदयपुर, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): झारखंड के राष्ट्रीय आदिवासी सामाजिक युवा कार्यकर्ता सनी टोप्पो उरांव और विकास उरांव ने कहा है कि आदिवासियों को ईसाई बनाने का बड़ा षडयंत्र झारखंड समेत देश के अन्य हिस्सों में चल रहा है। गुरुवार को उदयपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भारतीय आदिवासी पार्टी (बीएपी) के नेता राजकुमार रोत और उनके सहयोगियों पर आरोप लगाया कि वे झारखंड आकर आदिवासियों को बरगलाने और वागड़ क्षेत्र में भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।
सनी टोप्पो उरांव ने बताया कि अगले पांच दिनों तक वे डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सागवाड़ा और अन्य क्षेत्रों में आदिवासी युवाओं को जागरूक करेंगे और बीएपी नेताओं द्वारा झारखंड में किए जा रहे कृत्यों का खुलासा करेंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी सदियों से हिंदू धर्म में रहे हैं और रहेगें, और उन्हें धर्मान्तरण के प्रयासों से बचाना आवश्यक है।
सनी टोप्पो ने आदिवासियों के ईश्वर-बिरसा मुंडा के जनेऊ धारण और देवी-देवताओं की पूजा की परंपरा का हवाला देते हुए बताया कि रोत व उनके नेता झारखंड में लोकप्रिय नहीं होने के कारण वागड़ में भोले-भाले आदिवासियों को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने चेताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आदिवासियों को लोभ-लालच देकर धर्मान्तरित करने की कोशिश की जा रही है, और इसके खिलाफ वे किसी भी जोखिम को उठाने के लिए तैयार हैं।
&&&&
उदयपुर में अब गाजर—मूली की आड़ में शराब तस्करी
-अलग—अलग घटनाओं में वाहन सहित दो गिरफ्तार
-एक जगह दुर्घटनाग्रस्त वाहन से मिली शराब, दूसरी नाकाबंदी में पकड़ी
udr DST
udr Sabji sharab
उदयपुर, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): उदयपुर जिले में पुलिस ने सब्जियों की आड़ में चल रही अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा किया है। सामने आया है कि गाजर-मूली की आड़ में भी अब शराब की पेटियां छिपाकर तस्करी की जा रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशन में चल रहे विशेष अभियान के दौरान दो बड़ी कार्रवाइयों में करीब 25 लाख रुपए मूल्य की हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब जब्त की गई है। पहली कार्रवाई 26 नवम्बर की रात सुखेर थाना क्षेत्र में हुई। थानाधिकारी रवीन्द्र सिंह चारण की टीम को सूचना मिली कि नाथद्वारा से उदयपुर की ओर आ रही एक सफेद पिकअप चीरवा टनल के पास पलटी हुई पड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि पिकअप में मूली भरी थी और चालक फरार था। संदेह के आधार पर वाहन को क्रेन से उठाकर थाने लाया गया। सब्जी हटाने पर नीचे अंग्रेजी शराब और बीयर के विभिन्न ब्रांड के कार्टन मिले। जब्त की गई शराब का मूल्य लगभग 5 लाख रुपए बताया गया है।

दूसरी कार्रवाई 27 नवम्बर को खेरवाड़ा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त रूप से की। थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ की टीम ने NH-48 स्थित टोल नाका खांडीओबरी पर नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एक पिकअप गाजर की आड़ में शराब लेकर गुजरने वाली है। पुलिस ने सफेद पिकअप को रोका तो उसमें ऊपर गाजर भरी थी, जबकि नीचे हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब के 80 कार्टन छिपाए गए थे। चालक राजवीर गुर्जर, निवासी कोटपुतली, को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। जब्त शराब और वाहन का कुल मूल्य लगभग 20 लाख रुपए आंका गया है।

मेरी गाड़ी से निकलता धुआं भी आपके पैसों का है : खराड़ी
-बेडास में विकास कार्यों का लोकार्पण
udr lasadiya lokarpan 271125-a
लसाड़िया, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी) : जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने गुरुवार को लसाड़िया क्षेत्र के बेडास गांव में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। दोपहर करीब 1.30 बजे मंत्री के बेडास पहुंचने पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति से स्वागत किया तथा जेसीबी द्वारा पुष्पवर्षा कर उनका भव्य अभिनंदन किया। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री खराड़ी, उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत व जनप्रतिनिधियों द्वारा भैरूजी बावजी के देवरे में दर्शन के साथ हुई।
मंत्री ने उपस्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण कर उसका निरीक्षण किया, साथ ही नवीन पंचायत भवन का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद डॉ. रावत ने की, जबकि मंच पर देहात जिला महामंत्री कन्हैयालाल मीणा, प्रधान लीला देवी मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। संबोधन में पूर्व प्रधान कन्हैयालाल मीणा ने बेडास तालाब पर सीसी रोड, विद्यालय में कक्षाओं की वृद्धि और वनाधिकार पट्टों की मांग रखी।

मंत्री खराड़ी ने कहा कि बेडास क्षेत्र में भाजपा सरकार ने कई विकास कार्य करवाए हैं। ग्रामीणों को ‘मालिक’ बताते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार जनता की सेवा के लिए हैं। बोले—“मेरी गाड़ी से निकलता धुआँ भी आपके पैसों का है।”

प्रेम प्रसंग में तनाव, युवक चढ़ा टॉवर पर
परिजनों व प्रशासन की समझाइश के बाद उतरा; पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए
udr chr 01
चित्तौड़गढ़, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): कीरखेड़ा स्थित मौसम शाला परिसर में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रेम प्रसंग के विवाद से परेशान युवक गोविंद रैगर टॉवर पर चढ़ गया। युवक ने पुलिस पर पत्नी से अलग कराने और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए। करीब दो घंटे की समझाइश और परिजनों के पहुंचने के बाद वह नीचे उतरा।
गोविंद रैगर ने पुलिस को बताया कि वह एक युवती से पिछले दस वर्षों से प्रेम करता है। परिवार की असहमति के चलते दोनों ने 4 मार्च को कोर्ट मैरिज की और 19 अप्रैल को उदयपुर चले गए। युवक का आरोप है कि उदयपुर में 9 दिन बाद चंदेरिया पुलिस उन्हें पकड़कर वापस चित्तौड़गढ़ ले आई।
पुलिस पर धमकी और पैसों की चोरी का आरोप
टॉवर पर बैठे गोविंद ने कहा कि पुलिस ने उस पर युवती से अलग होने का दबाव बनाया और धमकी दी कि अगर उसने दूरी नहीं बनाई तो उस पर रेप का केस लगा दिया जाएगा। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके बैग से 14,000 रुपए निकाल लिए। युवक का कहना है कि वह और युवती दोनों बालिग हैं और अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, इसलिए उन्हें अलग न किया जाए।
अधिकारियों की समझाइश, माहौल शांत करने की कोशिश
घटना की जानकारी मिलते ही DSP शहर विनय चौधरी, कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत, SI पारस कुमार, ASI देवीलाल सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा को देखते हुए सिविल डिफेंस टीम भी बुलाई गई। भीड़ बढ़ने लगी तो पुलिस ने युवक के परिजनों से संपर्क किया। थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने युवक को भरोसा दिलाया कि युवती को मौके पर नहीं बुलाया जाएगा और जहां चाहें वहां बातचीत की व्यवस्था की जाएगी। वहीं चंदेरिया थानाधिकारी सुनीता गुर्जर भी मौके पर उपस्थित रहीं। युवक के कजिन ने उसे आश्वासन दिया कि अब उसके साथ कोई गलत नहीं होगा।
परिजनों के पहुंचने के बाद उतरा युवक
लगातार समझाइश और परिजनों के आश्वासन के बाद गोविंद टॉवर से नीचे उतर आया। पुलिस उसे आगे की बातचीत और कार्रवाई के लिए कोतवाली ले गई। मामले में पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से अलग-अलग बातचीत जारी रखी।


गैंगस्टरों की धमकी से दहशत में गोल्ड मैन
रोहित गोदारा–राहुल रिणवा ने विदेशी नंबर से मांगे 5 करोड़, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
udr chr 02
चित्तौड़गढ़, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी और अखिल भारतीय खटीक समाज के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष कन्हैयालाल खटीक उर्फ गोल्ड मैन को गैंगस्टर रोहित गोदारा और राहुल रिणवा के नाम से 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने की धमकी मिली है। विदेशी नंबर से लगातार धमकी भरे वॉयस मैसेज आने के बाद कन्हैयालाल ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया। मामले को देखते हुए पुलिस ने उनके घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है।
विदेशी नंबर से आए वॉयस मैसेज से बढ़ा खौफ
कन्हैयालाल (50) ने पुलिस को बताया कि व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से वॉयस रिकॉर्डिंग आई, जिसमें खुद को राहुल रिणवा और रोहित गोदारा ग्रुप का सदस्य बताते हुए 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। मैसेज में धमकी दी गई— “यदि कॉल इग्नोर किया तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना… जिसने हमारा फोन अनसुना किया, उसका हाल पूछ लेना।”
इससे पहले इसी नंबर से मिस कॉल और 41 सेकंड की कॉल आई थी, लेकिन कन्हैयालाल सब्जी मंडी में होने के कारण आवाज समझ नहीं सके। कुछ ही देर बाद दो और कॉल—18 सेकंड और 53 सेकंड की—आईं, जिन्हें वे भीड़भाड़ और स्वास्थ्य कारणों से नहीं सुन पाए।
“सोना पहनने लायक भी नहीं रहोगे”—गैंगस्टरों का दावा
एक अन्य वॉयस मैसेज में खुद को रोहित गोदारा बताते हुए धमकी दी गई— “कान्हा, राहुल फोन करेगा तो बात कर लेना… नहीं तो तू सोना पहनने लायक भी नहीं रहेगा।” लगातार धमकियों से कन्हैयालाल बेहद परेशान हो गए। उन्होंने बताया कि हाल ही में वे अहमदाबाद से ब्रेन हेमरेज और ट्यूमर का इलाज करवाकर लौटे हैं, इसलिए सुनने की क्षमता भी प्रभावित है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तीन जवान तैनात

धमकी मिलने के बाद कन्हैयालाल ने बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कराई। कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि आरोपी का नंबर विदेशी है और जांच जारी है। सुरक्षा के तहत उनके घर के बाहर तीन पुलिसकर्मियों को चौबीसों घंटे तैनात किया गया है। कन्हैयालाल ने इस पूरे मामले में मीडिया से बात करने या किसी से मिलने से इंकार कर दिया है। पुलिस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए लगातार निगरानी रख रही है।

36 घंटे से मोर्चरी में पड़ा बुजुर्ग का शव, मौताणे की मांग पर अड़े परिजन
डूंगरपुर, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): चौरासी थाना क्षेत्र के हरवनी सांसरपुर गांव में लाठी-घूसों से हत्या किए गए 55 वर्षीय जीवा रोत का शव 36 घंटे से अस्पताल की मोर्चरी में पड़ा है। मृतक के परिजन आरोपी परिवार से मौताणे की मांग पर अड़े हैं, जिसके कारण दूसरे दिन भी समझौता नहीं हो सका और पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
लाठी-घूसों से हत्या, 15 घंटे खेत में पड़ा रहा शव
थानाधिकारी रमेश कटारा ने बताया कि बुधवार सुबह गांव के ही लक्ष्मण (20), उसके भाई संजय (22) और मां तारा देवी ने मिलकर जीवा पर हमला किया था। लट्ठ से वार किए जाने पर जीवा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। शव पूरे दिन खेत में पड़ा रहा और करीब 15 घंटे बाद रात में पुलिस ने उसे उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
मौताणे पर नहीं बनी सहमति, पोस्टमार्टम टला
गुरुवार को दिनभर दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली, लेकिन मृतक परिवार मौताणे पर अड़ा रहा और कोई सदस्य पोस्टमार्टम के लिए नहीं आया। पुलिस का कहना है कि समझौते की कोशिश जारी है और शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।


प्रतापगढ़ के चुपना गांव में यूरिया खाद की किल्लत गहरी
कड़ाके की सर्दी में तड़के 5 बजे से लाइन, किसान बोले—फसल बचाना चुनौती
प्रतापगढ़, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): अरनोद उपखंड के चुपना गांव में यूरिया खाद की गंभीर कमी से किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। मंगलवार सुबह खाद आने की सूचना मिलते ही किसान कड़ाके की ठंड में तड़के 5 बजे से ही लेम्प पर लंबी कतारों में लग गए। सौ से अधिक किसान घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
किसान अनिल सहित कई किसानों ने बताया कि मौसम की मार से फसलें पहले ही कमजोर हैं, ऐसे में खाद की कमी संकट को और बढ़ा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद न मिलने से पैदावार बुरी तरह प्रभावित होगी।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे चुनाव बहिष्कार तक का निर्णय ले सकते हैं। किसानों ने कृषि विभाग से तुरंत व्यवस्था सुधारने की मांग की है, ताकि फसलें बच सकें और आर्थिक नुकसान से बचाव हो सके।
&&&&
स्विस व्यवसायी की प्रताड़ना से परेशान युवक ने लिखा, “जिंदगी जिंदा लाश बन गई”
-22 वर्षीय युवक ने जहर खाकर दी जान देने की कोशिश
—झूठे मुकदमों से त्रस्त युवक ने 8 पेज के नोट में किया दर्द बयां
—पिता की कथित कैद और कानूनी दबाव से टूटा बेटा
udr zahar
उदयपुर, 27 नवम्बर (पंजाब केसरी): चित्तौड़गढ़ जिले के मंगलवाड़ थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 22 वर्षीय युवक ने स्विट्जरलैंड के एक व्यवसायी पर मानसिक प्रताड़ना और झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप लगाते हुए जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। युवक ने 8 पेज का विस्तृत नोट लिखा हुआ है, जिसमें उसने अपनी मजबूरियां और बीते महीनों में झेली गई परेशानियों का विवरण दर्ज किया है। घटना बुधवार रात करीब 8 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित विष्णु मेनारिया घर में अकेला था, तभी उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद घर पहुंचे उसके छोटे भाई ने उसकी हालत देखी तो वह उसे चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल लेकर दौड़ा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद विष्णु की स्थिति नाजुक होने पर उसे उदयपुर के एमबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत अभी भी गंभीर बताई गई है।
युवक ने अपने बयान में बताया कि उसके पिता सात वर्षों तक स्विट्जरलैंड में एक एनआरआई व्यवसायी के यहां कुक का काम करते थे, जहां उन्हें कथित तौर पर बंदी बनाकर रखा गया। सरकारी हस्तक्षेप के बाद नवम्बर 2024 में उन्हें भारत लाया गया, लेकिन कुछ समय बाद फिर उन्हें स्विट्जरलैंड बुला लिया गया। पिता की रिहाई के बाद व्यवसायी के खिलाफ किडनैपिंग का केस दर्ज कराया गया था। विष्णु का आरोप है कि तभी से वह उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसा रहा है।

सुसाइड नोट में विष्णु ने लिखा—”हर दूसरे दिन पुलिस घर आ जाती है। दिल्ली में पेशी के लिए जाना पड़ता है। अब सहन नहीं होता। मैंने कोई गुनाह नहीं किया है। 22 साल की उम्र में ही जिंदगी खत्म होती लग रही है।” उसने चेक बाउंस केस, रेप केस और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों में फंसाने की बात भी लिखी। परिवार का कहना है कि लगातार मानसिक तनाव के कारण विष्णु ने यह कदम उठाया। पुलिस ने नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

छह लोगों ने घेरकर किया हमला, युवक गंभीर
-आरोप, लव मैरिज के चलते किया हमला
उदयपुर, 27 नवंबर (पंजाब केसरी): उदयपुर में प्रेम विवाह का विरोध एक बार फिर हिंसा में बदल गया। ओरड़ी रेला साकरोदा निवासी प्रेमसिंह ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि 25 नवम्बर की शाम ननिहाल से लौटते समय उनकी पत्नी के पीहर पक्ष के रिश्तेदारों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

प्रेमसिंह के अनुसार गांव में ही पत्नी के मौसेरे भाई जीवनसिंह, उसके माता-पिता सहित छह से अधिक लोगों ने रास्ता रोककर उन्हें हथियारों से घेर लिया। आरोपियों के पास कुल्हाड़ी, तलवार सहित कई हथियार थे। उन्होंने धमकी दी कि प्रेम विवाह करने की सजा मौत होगी। शोर सुनकर प्रेमसिंह के ताऊ के बेटे शिवसिंह और महेंद्रसिंह मौके पर पहुंचे। तभी जीवनसिंह और भंवरसिंह ने कुल्हाड़ी से प्रेमसिंह के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के बावजूद प्रेमसिंह किसी तरह जान बचाकर भागा। तलवार लेकर पीछा कर रहे आरोपी को परिजनों ने रोक लिया, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। पीड़ित ने बताया कि प्रेम विवाह को लेकर पहले भी उन्हें अगवा करने और जान से मारने की धमकियां दी गई थीं, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट व एसपी से सुरक्षा मांगी थी। प्रतापनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डूंगरपुर में भाजपा पार्षद ने कृषि भूमि पर अवैध निर्माण, प्रशासन बेबस
75 फीट की अनिवार्य दूरी की सीमा तोड़ी, RCC बीम किए खड़े
udr dug avaidh kam
जुगल कलाल
डूंगरपुर, 27 नवम्बर: जिले के सागवाड़ा मार्ग स्थित बिलड़ी क्षेत्र में भाजपा पार्षद होजफा लोखंडवाला और उनके पिता हुसैनी बोहरा द्वारा कृषि भूमि (खसरा संख्या 639 व 641) पर बिना अनुमति व्यावसायिक दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया गया। मुख्य सड़क से 75 फीट की अनिवार्य दूरी का नियम भी तोड़ा गया और सड़क की तरफ RCC बीम खड़ी कर दी गई, जिससे प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई।
पड़ोसी वीणा कीर्ति दोशी ने रविवार को जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह को लिखित शिकायत दी। इसके बाद तहसीलदार उज्जवल जैन और पटवारी मौके पर पहुंचे, लेकिन पारदर्शी कार्रवाई के बावजूद पार्षद पक्ष ने प्रशासनिक टीम की बात नहीं मानी। तहसीलदार ने कहा, “हम यहां खड़े हैं, हमारी कोई वैल्यू ही नहीं है क्या?”
जानकारी के अनुसार हुसैनी बोहरा ने शुक्रवार शाम खुदाई करवाई और शनिवार-रविवार की सरकारी छुट्टियों का फायदा उठाकर RCC बीम तेजी से खड़ी कर दी। भूमि कागजों में डमी आदिवासी शंकर के नाम कृषि भूमि के रूप में दर्ज है, जबकि वास्तविक कब्जा पार्षद के पास है।
चार महीने पहले तहसीलदार ने रुकवाया था काम
यह निर्माण चार महीने पहले भी शुरू हुआ था, जिसे तत्कालीन तहसीलदार ने रोका था। लेकिन राजनीतिक संरक्षण और स्थानीय मिलीभगत के कारण निर्माण फिर से शुरू हो गया। हुसैनी बोहरा पर पहले भी नाले पर अतिक्रमण, विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त और नियम तोड़कर व्यावसायिक निर्माण जैसी गंभीर शिकायतें दर्ज हैं।
भूमि कृषि श्रेणी में, निर्माण अवैध
मौके पर कार्रवाई पाबंद तो की गई, लेकिन उपस्थित लोगों ने पर्चे पर हस्ताक्षर नहीं किए। तहसीलदार उज्जवल जैन ने कहा कि भूमि कृषि श्रेणी में है और कोई व्यावसायिक निर्माण अवैध है। शिकायत कलेक्टर को भेजी गई है और यदि आवश्यक हुआ तो आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *