प्रतापगढ़ में थैलेसीमिया और सिकल सेल पर जागरूकता
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पांच जिलों से आए मरीजों का हुआ निःशुल्क एचएल टेस्ट, विशेषज्ञों ने दी रोकथाम और इलाज की जानकारी
प्रतापगढ़। 24 अगस्त
जिला चिकित्सालय में 24 अगस्त को थैलेसीमिया और सिकल सेल रोग को लेकर एक दिवसीय निःशुल्क एचएल टेस्ट शिविर आयोजित हुआ। स्वयं सेवा संस्थान, प्रतापगढ़ और बाल आयुष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने युवाओं और मरीजों को रोग की रोकथाम और उपचार संबंधी जानकारी दी।
विशेषज्ञों की राय
कैलाश कैंसर हॉस्पिटल, बड़ौदा के थैलेसीमिया विशेषज्ञ डॉ. शैलेश लबाना ने बताया कि यह एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जिसकी रोकथाम विवाह पूर्व जांच और समय पर पहचान से संभव है। वहीं, आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के सिकल सेल विशेषज्ञ डॉ. ललित पारगी ने कहा कि सिकल सेल रोग आदिवासी समुदायों में अधिक पाया जाता है, इसलिए जागरूकता अत्यंत जरूरी है।
5 जिलों से पहुंचे मरीज
शिविर में प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, मंदसौर और चित्तौड़गढ़ से थैलेसीमिया पीड़ित बच्चे और उनके परिजन पहुंचे। मौके पर पीएमओ डॉ. आलोक यादव और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज सेन ने भी योगदान दिया। बाल आयुष फाउंडेशन के निदेशक राकेश धन्या की मौजूदगी में बच्चों का पंजीयन कर एचएल टेस्ट किए गए।
संस्थाओं और स्वयंसेवकों का सहयोग
स्वयं सेवा संस्थान के अध्यक्ष पीयूष शर्मा और संस्थापक प्रतीक शर्मा के नेतृत्व में शिविर का संचालन हुआ। इस दौरान संस्थान से जुड़े राज भटेवरा, गौरव राठौड़, कुंदन सुथार, भानुप्रताप, शुभम भट्ट और कृति जोशी ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी चिकित्सकों, अतिथियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया गया।
