फुलसागर तालाब की पाल टूटने का खतरा, खाली कराए चार गांव
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600 से अधिक ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट, लोग स्कूलों और भवनों में पहुंचे
उदयपुर, 7 सितम्बर
उदयपुर संभाग के राजसमंद जिले के भीम उपखंड क्षेत्र के कुकरखेड़ा ग्राम पंचायत में फुलसागर तालाब की पाल टूटने का खतरा मंडराने पर प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया। लगातार दो दिन की भारी बारिश से तालाब लबालब होकर ओवरफ्लो हो गया, जिससे पाल क्षतिग्रस्त हो गई। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने 600 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया।
शनिवार शाम से ही पुलिस, प्रशासन, सिंचाई विभाग और एसडीआरएफ की टीम मौके पर जुट गई। संभावित खतरे को देखते हुए आपातो का बाड़िया, ओडिया, मोडा काकर और गोमा का बाड़िया गांव खाली कराए गए। ग्रामीणों को सरकारी स्कूलों, सामुदायिक भवनों और एक ग्रेनाइट खदान में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया।
रातभर चला राहत व बचाव कार्य
तहसीलदार मनोज जैन ने बताया कि तालाब की पाल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रशासन और ग्रामवासियों ने मिलकर मिट्टी व रेत के कट्टे डालकर पाल को मजबूत किया। रातभर जल संसाधन विभाग, नगरपालिका और नरेगा श्रमिक राहत कार्यों में जुटे रहे। प्रशासन ने मौके पर ही ग्रामीणों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की।
प्रशासनिक अमला मौके पर डटा रहा, बारिश थमने से मिली राहत
हालात की गंभीरता को देखते हुए राजसमंद एडीएम नरेश बुनकर, एएसपी महेंद्र पारीक, तहसीलदार मनोज जैन, नायब तहसीलदार पन्ना सिंह रावत, डीएसपी पारस चौधरी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की। ग्रामवासी भी पूरी तत्परता से सहयोग करते रहे। रविवार सुबह से बारिश थमने और पानी की आवक कम होने से हालात नियंत्रित हुए। पहले तीन फीट की चादर चल रही थी, जो अब डेढ़ इंच तक सीमित रह गई है।
स्थायी मरम्मत का इंतजार
सिंचाई विभाग के एक्सईएन मानसिंह ने बताया कि मई 2025 में तालाब पंचायत से विभाग को सुपुर्द किया गया था। वर्षों पुराना यह तालाब अब स्थायी मरम्मत की मांग कर रहा है। प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है और बजट स्वीकृत होने पर पाल की पक्की मरम्मत कराई जाएगी।
तालाब की स्थिति
भराव क्षमता: 9 एमसीएफटी
गेज: 12.5 फीट
प्रभावित गांव: आधा दर्जन से अधिक
