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स्कूलों की सुरक्षा पर फोकस: कोटड़ा के जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर

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स्कूलों की सुरक्षा पर फोकस: कोटड़ा के जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर

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स्कूलों की सुरक्षा पर फोकस: कोटड़ा के जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर
झालावाड़ हादसे के बाद प्रशासन सतर्क, 100 से ज्यादा स्कूल भवनों की होगी जांच

उदयपुर। 30 जुलाई
झालावाड़ जिले में जर्जर स्कूल भवन गिरने से सात बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। इसी क्रम में उदयपुर जिले के सुदूरवर्ती जनजाति बहुल कोटड़ा क्षेत्र में बुधवार को प्रशासन ने जीर्णशीर्ण स्कूल भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी।
कोटड़ा ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खाम समेत कई स्कूलों के जर्जर हिस्सों पर बुलडोजर चलाया गया। समग्र शिक्षा अभियान के एडीपीसी ननिहाल सिंह की अगुवाई में यह अभियान प्रारंभ हुआ। सिंह ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन स्कूलों में अध्ययन कार्य बंद कर दिया गया है और वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। बुधवार को अभियान के तहत आधा दर्जन से अधिक जर्जर भवन ध्वस्त किए गए।
कदमाल स्कूल में दो कक्ष ध्वस्त, 100 से अधिक भवन चिह्नित
कदमाल गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो जर्जर कमरों को गिराया गया। ये कमरे पहले से बंद थे। जिले भर में ऐसे 100 से ज्यादा स्कूल भवनों को चिह्नित किया गया है, जिनकी स्थिति बेहद खराब है। इन भवनों को चरणबद्ध तरीके से गिराया जाएगा ताकि किसी अनहोनी की आशंका को खत्म किया जा सके।
कलेक्टर के निर्देश पर सर्वे शुरू
जिला कलेक्टर नमित मेहता ने मंगलवार को ली बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड विजिट के निर्देश दिए। जिले के उपखण्ड व ग्राम पंचायत स्तर पर समितियां गठित की गई हैं जिनमें तकनीकी कार्मिकों को भी शामिल किया गया है।
5 अगस्त तक सभी विभागों से रिपोर्ट तलब
प्रशासन ने सभी विभागों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों, स्कूलों, आंगनबाड़ियों, अस्पतालों, सड़कों, पुल-पुलियों, बिजली खंभों आदि की स्थिति की रिपोर्ट 5 अगस्त तक देने को कहा है। निरीक्षण के दौरान जो भवन असुरक्षित पाए गए, उन्हें तत्काल सील किया गया और उनके उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों में तेजी से कार्रवाई
ग्राम पंचायत स्तर की टीमों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में भवनों की गहन जांच की और संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया। यह कदम भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि से बचाव के लिए एहतियाती कार्रवाई मानी जा रही है।

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