5000 किलो आटे से बनीं 2 लाख पूड़ियां
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चित्तौड़गढ़ में 50 हजार लोगों के लिए महाप्रसादी, 140 हलवाइयों की टीम ने की तैयारी
उदयपुर। 6 सितम्बर
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में भव्य महाप्रसादी का आयोजन किया गया। इस प्रसादी में करीब 50 हजार लोगों को भोजन कराया जा रहा है। इसके लिए 5000 किलो आटे से 2 लाख पूड़ियां बनाई गईं। साथ ही 5 तरह की सब्जियां और आचार परोसा गया। प्रसाद तैयार करने का जिम्मा 140 हलवाइयों की टीम ने संभाला।
यह आयोजन चित्तौड़गढ़ महोत्सव समिति की ओर से कराया गया। महाप्रसाद का वितरण शनिवार दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ। भोजन तैयार करने के लिए सिंधी धर्मशाला में विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां से इसे विभिन्न वितरण केंद्रों तक पहुंचाया गया।
सेवा की शुरुआत और विस्तार
इस सेवा कार्य की शुरुआत साल 2012 में महज 20 दानदाताओं और 7000 लोगों के लक्ष्य के साथ हुई थी। पहले ही साल 12 हजार लोगों ने प्रसादी ली। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं और दानदाताओं की संख्या बढ़ती गई। कोरोना काल में दो वर्ष यह आयोजन बंद रहा, लेकिन अब यह संख्या 55 से 60 हजार तक पहुंच चुकी है।
400 भामाशाहों का योगदान
समिति के संस्थापक सुनील ढ़िलीवाल ने बताया कि इस सेवा में लगभग 400 भामाशाहों का सहयोग है। सभी धर्मों के लोग छोटे-बड़े स्तर पर दान करते हैं, कुछ गुप्त दानदाता भी सामग्री पहुंचाकर चले जाते हैं। ढिलीवाल ने कहा कि बचपन में उन्होंने गणपति विसर्जन में भोजन व्यवस्था की कमी देखी थी, तभी संकल्प लिया कि बड़े होकर इस सेवा कार्य की शुरुआत करेंगे।
व्यापक प्रबंधन
भोजन वितरण के लिए सूचना केंद्र के बाहर 20 काउंटर और त्रिनेत्र गणेश चौक पर विशेष महिला काउंटर बनाए गए। भोजन बनाने के लिए 15 क्विंटल लकड़ी और 11 भट्टियों का उपयोग किया गया। हलवाई राजकुमार शर्मा की अगुवाई में 140 हलवाई, 300 समिति कार्यकर्ता, एटीबीएफ की महिला टीम और 40 मजदूर इस सेवा में जुटे रहे।
