उदयपुर की पेराफेरी पंचायतों में 69ए के पट्टे अटके
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सेवा शिविर में नहीं मिल रहा राहत का लाभ, आवेदक निराश; अवधि बढ़ाने और नियमों में शिथिलता की उठी मांग
उदयपुर, 13 अक्टूबर (राजेश वर्मा): राज्य सरकार की ओर से चल रहे शहरी सेवा शिविरों के तहत आवेदकों को पट्टे जारी करने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। नगर निगम उदयपुर में शामिल हुई पेराफेरी की कई पंचायतों के लोग धारा 69ए के तहत पट्टे नहीं मिलने से निराश हैं। कार्यक्रम 17 अक्टूबर को समाप्त होने वाला है, लेकिन लोगों की प्रमुख मांग ‘आवासीय पट्टा जारी करने’ पर उम्मीदें अधूरी रहीं।
प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि शिविर अवधि में नवरात्रि और सरकारी अवकाश अधिक होने से कई लोग आवेदन नहीं कर पाए, वहीं पुराने नियमों के कारण कई पात्र आवेदक वंचित रह गए। इस पर उनकी ओर से प्रशासन से मांग की जा रही है कि शिविर की अवधि बढ़ाई जाए और राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 69ए (संशोधित 2021) में दी गई शिथिलता के आधार पर 1 जनवरी 2025 तक निर्मित भवनों को पट्टा जारी किया जाए।
देबारी उपसरपंच चंदन सिंह देवड़ा ने कहा कि नगर निगम, नगर पालिका या नगर परिषद में शामिल हुई पंचायतों में, जहां पट्टा वितरण की प्रक्रिया पंचायती राज अधिनियम के तहत अंतिम चरण में थी, वहां नव सम्मिलित शहरी क्षेत्रों में भी राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यूआईटी/यूडीए की पेराफेरी में आबाद भूमि पर भी शहरी सेवा शिविर 2025 के अंतर्गत 69ए के तहत पट्टे जारी किए जाने चाहिए।
यूडीएच मंत्री खर्रा तक पहुंचाई पीड़ा
देवड़ा ने इस संबंध में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा तक मामला पहुंचाया है। उन्होंने विधायक फूल सिंह मीणा के माध्यम से राज्य सरकार से शिविर अवधि बढ़ाने और नियमों में शिथिलता देकर प्रभावित परिवारों को राहत देने की गुहार लगाई है।
