चित्तौड़गढ़ कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
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मेल में पांच बम प्लांट करने का दावा, उदयपुर से एटीएस व बीडीएस टीम पहुंची
सघन तलाशी के बाद नहीं मिला कोई संदिग्ध सामान, मामला दर्ज
चित्तौड़गढ़, 15 दिसम्बर: चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्ट्रेट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद रविवार देर रात से प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कलेक्टर की एनआईसी ई-मेल आईडी पर भेजे गए धमकी भरे मेल में कलेक्ट्रेट परिसर में पांच बम रखे होने और दिन में विस्फोट किए जाने की बात लिखी गई थी। सूचना मिलते ही प्रशासन ने पूरे परिसर को अलर्ट पर रखते हुए सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
रात 12:47 बजे आया धमकी भरा ई-मेल
एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने बताया कि रविवार रात 12 बजकर 47 मिनट पर कलेक्टर आलोक रंजन की एनआईसी मेल आईडी पर धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ था। सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे एडीएम प्रभा गौतम ने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी। मेल में कलेक्ट्रेट परिसर में पांच बम होने और दिन में ब्लास्ट होने की बात कही गई थी।
उदयपुर से एटीएस, बीडीएस और ईआरटी टीम मौके पर
धमकी मिलते ही डीएसटी, लोकल आईबी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उदयपुर से एटीएस की टीम एडिशनल एसपी स्वाति शर्मा के नेतृत्व में चित्तौड़गढ़ पहुंची। इसके साथ ही बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस), ईआरटी कमांडो और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। कलेक्ट्रेट कार्यालय, सभागार, सभी कार्यालय कक्ष, गलियारे, पार्किंग एरिया और खुले स्थानों की बारीकी से तलाशी ली गई।
हर कार्यालय की गहन जांच, डॉग स्क्वायड तैनात
सर्च ऑपरेशन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के प्रत्येक ऑफिस, डीओआईटी डिपार्टमेंट और आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच की गई। डॉग स्क्वायड की मदद से हर संदिग्ध स्थान को खंगाला गया। अधिकारी हथियारों के साथ पूरे परिसर में तैनात रहे और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
सर्च में नहीं मिला कोई विस्फोटक
एएसपी सरिता सिंह ने बताया कि कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवांछित वस्तु नहीं मिली। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है। एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट को भी मिली थी धमकी
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सोमवार सुबह हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट को भी इसी तरह ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद वहां भी परिसर खाली कराकर तलाशी ली गई थी।
