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डॉक्टर से बने जैन मुनि, आत्मकल्याण की राह पर परख जैन

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डॉक्टर से बने जैन मुनि, आत्मकल्याण की राह पर परख जैन

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आचार्य सुधासागर के सान्निध्य में अशोकनगर में ग्रहण की ब्रह्मचारी दीक्षा
बांसवाड़ा, 2 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): खांदू कॉलोनी बांसवाड़ा निवासी डॉक्टर परख जैन (दाजू) ने चिकित्सा सेवा का सफल करियर छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपनाया। उन्होंने 29 अक्टूबर को मध्यप्रदेश के अशोकनगर में श्रमण मुनिपुंगव आचार्य 108 सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में विधिवत ब्रह्मचारी दीक्षा ग्रहण की और जैन संघ में प्रवेश किया।
दीक्षा समारोह के दौरान परख जैन के माता-पिता अजय जैन और वीणा देवी, दादी विमला देवी और दादा सागरमल जैन ने अश्रुपूर्ण नेत्रों से उनके इस निर्णय को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि परख परिवार का इकलौता पुत्र है, किंतु उसके मोक्षमार्ग के दृढ़ संकल्प के आगे परिवार नतमस्तक हो गया।


18 सितंबर 1995 को जन्मे परख जैन ने बांसवाड़ा में ही अपनी स्कूली और कॉलेज शिक्षा पूरी की तथा पिछले चार वर्षों से डॉक्टर के रूप में सेवा दे रहे थे। बचपन से ही संतसमागम और आध्यात्मिक संस्कारों ने उनके मन में वैराग्य का बीज बोया, जो अब फलित हुआ।
समाज के वरिष्ठ श्रावक अशोक घुघरावत ने बताया कि दीक्षा से पूर्व आचार्य सुधासागर महाराज ने परख जैन को संयम जीवन की विधियों का प्रशिक्षण दिया और सभी सांसारिक वस्तुओं का त्याग करवाया। दीक्षा अवसर पर जैन समाज ने भावपूर्ण अनुमोदना व्यक्त की और इस आध्यात्मिक निर्णय का स्वागत किया।

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