देबारी से अम्बेरी तक चाहिए सर्विस रोड, तीन अंडरपास
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आंदोलन में मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के साथ पेराफेरी संघर्ष समिति भी उतरी
उदयपुर, 10 दिसंबर : देबारी–काया बाईपास मार्ग पर सर्विस रोड और अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब पेराफेरी जिला संघर्ष समिति का भी समर्थन मिल गया है। समिति ने देबारी से अंबेरी तक 7 किमी लंबे सिक्सलेन मार्ग पर सर्विस रोड और तीन अंडरपास तत्काल बनाए जाने की मांग उठाई है। प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनिल चौधरी ने जल्द सर्वे कर रिपोर्ट आरओ कार्यालय भेजने का आश्वासन दिया।
7 किमी में न सर्विस रोड, न अंडरपास—25 हजार लोग प्रभावित
संघर्ष समिति के संयोजक चंदन सिंह देवड़ा, पूर्व देबारी मंडल अध्यक्ष नंदलाल वेद, मोहन सिंह, अक्षय प्रजापत, ढिंकली सरपंच भूरीलाल गमेती व अंबेरी सरपंच बाबूलाल गमेती ने बताया कि पिंडवाड़ा सिक्सलेन पर देबारी से अंबेरी तक न तो सर्विस रोड है और न ही अंडरपास। इससे देबारी, नला फला जिंक, ढिंकली और अंबेरी की 4 पंचायतों सहित एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों के करीब 25 हजार लोगों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सिर्फ दो मीडियम ओपनिंग होने से लोग मजबूरी में रॉन्ग साइड चलकर हादसों को न्योता दे रहे हैं।
हादसों पर लगाम के लिए तीन जगह अंडरपास जरूरी
संघर्ष समिति ने जिन तीन प्रमुख स्थानों पर अंडरपास बनाने की मांग की है, उनमें देबारी माताजी का खेड़ा–नला फला मार्ग, बेडवास से वाडा ढिंकली प्रेस कॉलोनी 100 फीट रोड कनेक्टिविटी पॉइंट और मेंहरों का गुड़ा–ढीकली गांव को जोड़ने वाला मार्ग शामिल है। इन क्षेत्रों में पुरानी आबादी, गांव और नाकोडा पार्श्वनाथ विलास, रौनक विहार, सांवरिया नगर, गज विहार सहित एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों के निवासी, स्कूली बच्चे और किसान रोजाना खतरे से दो-चार होते हैं। अंडरपास बनने से इन सभी को राहत मिलने की उम्मीद है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
