अफीम डोडा चूरा तस्करी मामले में युवक को 10 वर्ष का कठोर कारावास
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उदयपुर, 29 जनवरी : बालक न्यायालय (विशिष्ट न्यायाधीश एन.डी.पी.एस. प्रकरण) ने अफीम डोडा चूरा की अवैध तस्करी के एक पुराने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अभियुक्त लोकेश चौधरी को दोषी करार दिया है। न्यायालय के पीठासीन अधिकारी संजय कुमार भटनागर ने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न भरने की स्थिति में उसे 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशिष्ट लोक अभियोजक महेंद्र ओझा के अनुसार यह मामला 12 जुलाई 2017 का है। पुलिस थाना गोगुन्दा ने खाखड़ी हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान एक सफेद बोलेरो को रोका था। जांच करने पर वाहन में जूट की तीन बोरियां मिलीं, जिनमें कुल 59 किलोग्राम अफीम डोडा चूरा भरा हुआ था। वाहन चला रहे लोकेश चौधरी निवासी जाखड़ों की ढाणी—सनावड़ा जिला बाड़मेर ने पूछताछ में बताया कि वह इसे नीमच से खरीदकर मारवाड़ ले जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो चोरी की थी, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।
किशोर से वयस्क तक का कानूनी सफर घटना के समय अभियुक्त की आयु 18 वर्ष से कम होने के कारण मामला शुरू में किशोर न्याय बोर्ड में चला। हालांकि, अपराध की गंभीरता को देखते हुए बाद में उसे वयस्क की तरह विचारण हेतु बालक न्यायालय स्थानांतरित कर दिया गया।
अदालत की टिप्पणी बचाव पक्ष ने नरमी की अपील करते हुए दलील दी कि अभियुक्त युवा है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन न्यायालय ने इसे खारिज करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों का बढ़ता प्रचलन समाज और युवा पीढ़ी के लिए एक गंभीर खतरा है। भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ की बरामदगी को देखते हुए न्यायालय ने सख्त सजा सुनाना न्यायोचित समझा।
