आधार को पहचान दस्तावेज, नागरिकता का प्रमाण नहीं
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नई दिल्ली, 8 सितंबर
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को बिहार में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान आधार को मतदाता पहचान के 12वें दस्तावेज के रूप में शामिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार केवल पहचान के लिए है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। नागरिकता के लिए अन्य दस्तावेज देने होंगे।
सुनवाई में याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अभी भी आधार को स्वीकार नहीं कर रहे। इस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग को तुरंत दिशा-निर्देश जारी करने को कहा। अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
चुनाव आयोग ने बताया कि ड्राफ्ट सूची में शामिल 7.24 करोड़ मतदाताओं में से 99.6 प्रतिशत ने अपने दस्तावेज जमा कर दिए हैं। आयोग ने 11 दस्तावेज पहले से ही मान्यता प्राप्त किए हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि आधार का दुरुपयोग नहीं होगा और इसे केवल पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाता सूची में शामिल आधार की वास्तविकता की जांच आयोग करेगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि केवल वास्तविक नागरिकों को ही मतदान की अनुमति मिलेगी।
