47 साल बाद मावली को ‘बागोलिया परियोजना’ के जरिये मिली खुशी
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उदयपुर, 24 सितम्बर: मावली क्षेत्र के लोगों को वह खुशी मिलने जा रही है, जिसका इंतजार वह 47 सालों से कर रहे थे। क्षेत्र की लंबित बागोलिया परियोजना का शिलान्यास गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से 25 सितम्बर को मां त्रिपुर सुंदरी की धरा से करेंगे।
इस परियोजना को लेकर मावलीवासी लंबे समय से संघर्षरत रहे हैं। जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने भी वर्षों तक इसकी फीजिबिलिटी, सर्वे और तकनीकी पहलुओं पर काम किया। लेकिन हर बार ट्राइबल एरिया का दर्जा न होने, बजट की कमी और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में यह परियोजना अधर में लटकती रही। अब जब यह धरातल पर साकार होने जा रही है, तो क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
सेवानिवृत्त इंजीनियरों और पूर्व विद्यार्थियों ने इसे अपनी वर्षों की मेहनत का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्लेटफॉर्म्स जैसे आकाशवाणी, इंजीनियर्स डे समारोह, संगोष्ठियों, सेमिनार और मास्टर प्लान वर्कशॉप में लगातार तकनीकी आधारों पर इसकी पैरवी की जाती रही। मावली विद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों ने भी इस ऐतिहासिक पल पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी साथियों को बधाई दी और अधिक से अधिक संख्या में शिलान्यास समारोह में शामिल होने का आह्वान किया।
1978 में बुलंद हुआ था “बागोलिया में पानी लाओ” का नारा
पूर्व इंजीनियर पीयूष जोशी बताते हैं कि मावली क्षेत्र की बागोलिया परियोजना के शिलान्यास से जुड़ी यादें आज फिर ताजा हो गईं। 1978 में मावली में किसानों और मजदूरों ने एडवोकेट बसंतीलाल मंडोवरा, रामचंद्र शर्मा, मोहन त्रिवेदी और राजेश दाधीच जैसे नेताओं के नेतृत्व में क्रमिक अनशन और धरनों के जरिए “बागोलिया में पानी लाओ” का नारा बुलंद किया था। उसी संघर्ष के बीच उस समय युवा अभियंता के तौर पर जुड़े स्थानीय साथियों ने तकनीकी स्तर पर भी परियोजना का खाका तैयार किया। नंदसमंद नाले से सुरंग और फीडर द्वारा बागोलिया टैंक भरने का अनुमानित साढ़े तीन करोड़ का प्रोजेक्ट भी तैयार हुआ था। आज लगभग 47 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास होने जा रहा है, जिससे मावलीवासियों का संघर्ष और सपना आखिरकार साकार होता दिख रहा है।
17 गांवों को मिलेगा सिंचाई का पानी
बागोलिया तालाब मावली तहसील का एक बड़ा तालाब है। इसकी कुल भंडारण क्षमता 686 एमसीएफटी है। इस तालाब के जरिए 17 गांवों की 3,676 हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जा सकेगा। इंजीनियर बताते हैं कि बागोलिया तालाब में उदयसागर बांध से एक फीडर के माध्यम से गुरुत्वाकर्षण प्रवाह द्वारा पानी लाया जा सकता है। गौरतलब है कि उदयसागर बांध का भंडारण 1100 एमसीएफटी और कुल सिंचिंत क्षेत्र 6,318 हेक्टेयर है।
