डंपिंग यार्ड के धुएं से 350 परिवार परेशान, निगम के खिलाफ फूटा गुस्सा

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बलीचा में कचरा जलने से घरों तक पहुंच रही बदबू और धुआं, आईआईएम परिसर के लोग भी प्रभावित; बोले- जमा पूंजी से घर खरीदा, अब सांस लेना मुश्किल
उदयपुर, 26 अक्टूबर:
बलीचा स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा जलने से उठने वाले धुएं और बदबू ने आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यार्ड से महज 100 मीटर दूर पंडित दीनदयाल नगर के करीब 350 परिवार प्रभावित होने का दावा कर रहे हैं। आईआईएम उदयपुर परिसर के लोगों ने भी इस समस्या को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट और नगर निगम में प्रदर्शन कर विरोध जताया। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत और आश्वासन के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि धुआं घरों तक पहुंचने से खिड़की-दरवाजे बंद रखने पड़ते हैं और बाहर निकलते समय मास्क लगाना पड़ता है। उनका कहना है कि कचरे के जलने से उठने वाला धुआं बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।
आईआईएम उदयपुर में रहने वाली प्रज्ञा ने कहा कि कचरा जलाना गैरकानूनी है, लेकिन इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक महिला ने कहा कि जीवनभर की जमा पूंजी से घर खरीदा, लेकिन अब यहां रहना मुश्किल हो रहा है। लोगों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की।
हाईकोर्ट में दिए आश्वासन पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन में शामिल एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने करीब डेढ़ साल पहले हाईकोर्ट में कचरा नहीं जलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इससे पहले शनिवार रात को भी दक्षिण विस्तार योजना के निवासी डंपिंग यार्ड में आग लगने के बाद उठे धुएं से परेशान होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में लोगों ने गिर्वा तहसीलदार गणेश विजयवर्गीय को ज्ञापन सौंपकर तत्काल राहत और स्थायी समाधान की मांग की थी।