उदयपुर, 28 जून: जिले के आदिवासी क्षेत्र बारापाल में मनरेगा कार्यस्थल पर रविवार को माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने नई तकनीकी व्यवस्था को श्रमिकों के लिए परेशानी का कारण बताते हुए वीबीजी राम प्रणाली समाप्त कर बेहतर मनरेगा व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई। इस दौरान महिला श्रमिकों ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले छह महीनों में उन्हें केवल 18 दिन का ही रोजगार मिला है। सुबह साढ़े छह बजे से कार्यस्थल पर पहुंचने के बावजूद सरकारी सर्वर बंद होने के कारण सुबह दस बजे तक काम शुरू नहीं हो पाया। इससे श्रमिकों में नाराजगी देखने को मिली। कार्यस्थल पर मौजूद मेट ने बताया कि ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज और अपलोड होने के बाद ही कार्य शुरू किया जा सकता है। श्रमिकों ने सवाल उठाया कि घंटों इंतजार करने के बावजूद उनके समय का कोई मूल्य नहीं माना जा रहा है। कार्यक्रम में माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी, आदिवासी जनाधिकार एका मंच के सचिव श्रवण तथा निर्माण मजदूर एकता यूनियन के अध्यक्ष शमशेर खान भी मौजूद रहे।