जनजाति मंत्री का बयान: पार्टियां आती-जाती रहेंगी, हमारी संस्कृति और सनातन धर्म बने रहना चाहिए
उदयपुर, 23 अक्टूबर: राजस्थान के जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा कि जो लोग खुद को हिंदू नहीं मानते, उनका मुंह काला कर गांव से बाहर निकाल देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल और नेता आते-जाते रहेंगे, लेकिन हमारी विरासत, संस्कृति, संस्कार और सनातन धर्म बने रहने चाहिए। खराड़ी का यह बयान पंचायतीराज चुनावों के बीच तीन दिन पहले ओगणा में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते समय सामने आया है।
‘भारत नहीं रहा तो कहां जाएंगे’
खराड़ी ने कहा कि भारत ही ऐसा देश है, जहां हिंदू सुरक्षित रह सकता है। यदि देश और सनातन धर्म नहीं रहे तो लोगों के सामने समुद्र में डूबने या ऊपर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए स्वयं निर्णय लेने का आह्वान किया।
आदिवासी परंपराओं का दिया हवाला
मंत्री ने नवरात्रि के दौरान देवी-देवताओं की पूजा और देवरे में जाकर रात बिताने की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आदिवासी समाज की विरासत हैं, जिन्हें पूर्वजों ने सौंपा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई इन परंपराओं को बंद कर सकता है। खराड़ी ने बिना किसी का नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा।
बयान से आदिवासी क्षेत्रों में सियासी चर्चा
खराड़ी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में कुछ लोग भोले-भाले लोगों को परंपरा और संस्कृति के खिलाफ भड़काते हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री के इस बयान में खुद को हिंदू नहीं मानने वालों को गांव से बाहर निकालने की बात कही गई है, जिससे धार्मिक पहचान और आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।