जोधपुर जेल लौटा आसाराम, नहीं हुई हाईकोर्ट में सुनवाई
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जोधपुर, 7 अक्टूबर : नाबालिग शिष्या से रेप के मामले में सजायाफ्ता आसाराम एक बार फिर जोधपुर सेंट्रल जेल में लौट गया है। पिछले एक महीने से वह पाली रोड स्थित आरोग्यम पंचकर्म केंद्र में इलाज ले रहा था। उसकी सजा स्थगन और उपचार अवधि बढ़ाने की याचिकाओं पर मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने मामलों को दूसरी बेंच को भेजने को कहा।
आसाराम की ओर से चीफ जस्टिस की कोर्ट में अर्जी दी गई थी कि दूसरी बेंच बनाकर सुनवाई की जाए और आरोग्यम में उपचार अवधि बढ़ाई जाए। सुनवाई न होने के कारण उसे पुनः जेल लौटना पड़ा।
राजस्थान हाईकोर्ट में दो याचिकाओं पर सुनवाई होनी थी—पहली मेडिकल ग्राउंड पर आजीवन कारावास की सजा स्थगन की याचिका और दूसरी आरोग्यम हॉस्पिटल में उपचार अवधि बढ़ाने की। दोनों ही मामलों पर जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई करने के बजाय अन्य बेंच को ट्रांसफर कर दिया।
आसाराम को वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग शिष्या से यौन शोषण के मामले में ताउम्र कारावास की सजा सुनाई थी। स्वास्थ्य कारणों से इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट से उसे अंतरिम जमानत मिली थी। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भी अंतरिम जमानत दी थी, लेकिन अगस्त 2025 में जमानत बढ़ाने से इंकार कर दिया गया।
आसाराम का मामला मणई आश्रम से जुड़ा है, जहां 15 अगस्त 2013 को नाबालिग शिष्या के साथ यौन शोषण की घटना हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि अपील की सुनवाई तेजी से की जाए।
