बैंकों का अस्तित्व ग्राहकों से, डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड से बचें: आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा
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उदयपुर में ‘आपकी पूंजी आपका अधिकार’ अभियान के तहत विशेष कैंप का आयोजन
उदयपुर, 1 नवम्बर: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने डिजिटल क्रांति के दौर में ग्राहकों को डिजिटल अरेस्ट और फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंकों का अस्तित्व ग्राहकों से ही है, इसलिए बैंकर्स को ग्राहक हित को सर्वोपरि रखना चाहिए।
गवर्नर मल्होत्रा शनिवार को उदयपुर में RBI द्वारा वित्तीय क्षेत्र में अदावाकृत संपत्ति (Unclaimed Property) के निपटान के लिए आयोजित ‘आपकी पूंजी आपका अधिकार’ अभियान के तहत एक विशेष शिविर को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय निदेशक नवीन नाम्बियार (RBI), शिवा ओम दीक्षित (DMD, SBI), डॉ. देबदत्त (MD & CEO, Bank of Baroda), जीएस राणा (DMD, SBI) और संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी सहित कई वरिष्ठ बैंक अधिकारी मंचासीन रहे। गवर्नर सहित अन्य अतिथियों ने बैंकों, स्वयं सहायता समूहों, सीएफएल, आरसेटी, आरबीआई, सेबी और आईआरडीएआई के स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।
मुख्य बातें:
डिजिटल सावधानी: गवर्नर ने स्वीकार किया कि देश में डिजिटल क्रांति से हर व्यक्ति जुड़ा है, लेकिन इसके साथ ही डिजिटल फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से सावधान रहने की आवश्यकता है, खासकर बुजुर्गों को। उन्होंने बताया कि राजस्थान में 100% लोग नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप या यूपीआई के माध्यम से डिजिटल साक्षरता से जुड़े हुए हैं।
बैंक और ग्राहक: उन्होंने बैंकर्स से कहा कि वे ग्राहक हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें और अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक वित्तीय समावेशन का लाभ पहुंचाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दें। RBI के नियम ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं, जिनकी सही व्याख्या करते हुए ग्राहकों को राहत दी जानी चाहिए।
अदावाकृत संपत्ति (Unclaimed Deposits) का निपटान: उन्होंने बताया कि देश भर में करोड़ों बैंक खातों में करोड़ों रुपये की राशि पड़ी है, जिस पर कोई दावा नहीं किया गया है। यह अभियान इसी राशि को संबंधित हकदार तक पहुंचाने के लिए चलाया जा रहा है। पूर्व में खाताधारक की मृत्यु और परिवारजनों को जानकारी न होने के कारण यह राशि खातों में ही रह जाती थी।
शिविर में निपटारा: अग्रणी जिला प्रबंधक ने बताया कि इस विशेष शिविर में 48 खातों में 3.47 करोड़ रुपये की अदावाकृत राशि का निपटारा किया गया।
लाभार्थियों को लाभ:
पीएमएसबीवाई (PMSBY) और पीएमजेजेबीवाई (PMJJBY) के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए।
पीएमजेजेबीवाई के 14 लाभार्थियों को 28 लाख रुपये और पीएमएसबीवाई के 6 लाभार्थियों को 12 लाख रुपये प्रदान किए गए।
स्वनिधि योजना के 3 लाभार्थियों को कुल 45 हजार रुपये के चेक भी दिए गए।
अटल पेंशन योजना में पंजीकृत व्यक्तियों को पीआरएएन (PRAN) और अदावाकृत जमा के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए।
बैंक स्टाल्स का अवलोकन
कार्यक्रम स्थल पर बैंकों, स्वयं सहायता समूहों, सीएफएल, आरसेटी, आरबीआई, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स, सेबी और आईआरडीएआई के स्टाल्स लगाए गए। आरबीआई गर्वनर सहित अन्य अतिथियों ने इन स्टाल्स का अवलोकन कर संपादित किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
