बांसवाड़ा के लापता व्यापारी रतलाल से गिरफ्तार, साथी की मिली थी लाश
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आठवें दिन पूरी हुई पुलिस की तलाश
उदयपुर, 16 सितम्बर
बांसवाड़ा जिले के मोटागांव से दो व्यापारियों के लापता होने के मामले में सोमवार रात पुलिस को उस समय सफलता मिली, जब दूसरे व्यापारी को मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से गिरफ्तार किया गया। एक व्यापारी का शव माही नदी में 11 सितंबर को मिला था। दोनों व्यापारी 8 सितंबर से लापता थे।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के अनुसार मोटागांव से 8 सितंबर को लापता हुए व्यापारी हर्षित सेवक को रतलाम से गिरफ्तार किया गया है। देर रात उसे खमेरा थाने में रखा गया। जहां मोटागांव थाना पुलिस ने पहुंच कर पूछताछ शुरू की। हालांकि अभी पुलिस ने कोई जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन पूछताछ में दोनों व्यापारियों के लापता होने, सुरेश का शव मिलने का कारण हादसा या हत्या होने और दोनों के अलावा किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता आदि का खुलासा होगा।
यह था मामला
मोटागांव निवासी हर्षित सेवक और सुरेश सोनी पड़ोसी थे। सुरेश परचूनी की दुकान और हर्षित ई मित्र कियोस्क चलाता था। दोनों गत 8 सितंबर को कार से दोपहर घर से निकले थे, और इसके बाद नहीं लौटे। शाम होने से पहले तक वे परिजनों के संपर्क में थे। शाम होने के बाद दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ आने से परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। दोनों दोस्तों की गुमशुदगी रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस के साथ परिजन भी तलाश में जुटे, लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने दोनों के मोबाइल की लोकेशन की जानकारी लेने के बाद सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन सफलता नहीं मिली।
चौथे दिन नदी में मिला था एक का शव
लापता होने के चौथे दिन डूंगरपुर के भीलुड़ा गांव के फलातेड़ शिव मंदिर के समीप से बहने वाली माही नदी में एक शव मिला था। इस की शिनाख्त सुरेश सोनी के रूप में होने के बाद पुलिस ने डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया भी पूरी, ताकि सही पहचान स्पष्ट हो सके। अगले दिन 12 सितंबर को व्यापारियों की कार बांसवाड़ा – उदयपुर मार्ग पर लसाड़ा गांव के पुल के नीचे मिली थी, जिसमें दोनों के जूते चप्पल और अन्य सामान भी बरामद किए गए थे।
नदी में बहने का लगा रहे थे कयास
माही नदी में व्यापारी सुरेश का शव और अगले दिन कार मिलने के बाद पुलिस का यह कयास था कि दूसरा व्यापारी हर्षित भी पानी में बह गया। उसकी तलाश में परिजन और पुलिस की टीम नदी के बहाव क्षेत्र से जुड़े गांवों-कस्बों में तलाशी में जुटी रही थी।
