आसपुर पंचायत में अवैध पट्टों का बड़ा खुलासा
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सरकारी जमीन पर बाहरी लोगों को पट्टे, दलाल–सरपंच–पटवारी पर मिलीभगत के आरोप; जांच शुरू
आसपुर, 4 दिसम्बर : आसपुर उपखंड की ग्राम पंचायत आसपुर में अवैध तरीके से आवासीय पट्टे जारी करने का बड़ा मामला उजागर हुआ है। आरोप है कि पंचायत प्रशासन ने दलालों की मिलीभगत से बाहरी लोगों को बिलानाम भूमि, चारागाह और सरकारी जमीन पर पट्टे जारी कर दिए, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। कई पट्टे बिना जांच, बिना नियमों के और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जारी किए गए।
सबसे गंभीर मामला खसरा नंबर 1315 से सामने आया, जहां एक बाहरी व्यक्ति को 80×20 फीट का बापी पट्टा जारी कर दिया गया। इस जमीन को लेकर पहले ही करीब 1 करोड़ रुपये का ऑडिट पैरा लंबित है। नियमों के अनुसार पट्टा जारी होने पर सरकार को 2,94,400 रुपये की आय होनी थी, लेकिन इसकी रजिस्ट्रेशन मात्र 1,000 रुपये में कर दी गई। बताया जा रहा है कि तत्कालीन पटवारी ने इसे गलत तरीके से आवासीय भूमि बताते हुए रिपोर्ट दी थी।
इसी तरह खसरा नंबर 1316/139 की जमीन, जो कि चारागाह है, पर प्रभु लाल पुत्र गौतमलाल दर्जी को 75×30 फीट का पट्टा जारी किया गया। चारागाह भूमि पर पट्टा देना नियमों के खिलाफ है, फिर भी अनुमति दे दी गई।
एक अन्य मामले में देवीलाल पुत्र गौतमलाल जैन को 55×11 फीट का पट्टा दिया गया, जबकि मौके पर दुकान बनी हुई है। कागजों में इसे मकान दर्शाकर पट्टा पास कराया गया। इसी प्रकार लता कंवर पत्नी महेंद्र सिंह को 1600 वर्ग फीट का पट्टा जारी किया गया, जबकि यह जमीन खाली भूखंड था और उस पर पहले से सरकारी पेनल्टी भी दर्ज थी। इसके बावजूद पट्टे जारी करने में नियमों की अनदेखी की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि ऐसे कई और पट्टे जारी किए गए हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हैं। वार्ड पंचों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
ग्राम पंचायत के प्रशासक केसर मीणा ने कहा कि “गांव के लोगों के विश्वास पर पट्टे शिविर में बनाए गए हैं। पटवारी और सचिव के हस्ताक्षर भी हैं।” वहीं आसपुर तहसीलदार योगेंद्र कुमार वैष्णव ने कहा कि “मामला जांच में है, पहले भी इस पंचायत पर ऑडिट पैरा बना था। आगे कार्रवाई की जाएगी।”
