बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लगाए डॉ. अशोक पर गंभीर आरोप
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बड़गांव सेटेलाइट अस्पताल के डॉक्टर के एपीओ किए जाने पर जताई खुशी, आतिशबाजी की
उदयपुर, 30 नवम्बर: उदयपुर में बड़गांव स्थित राजकीय सेटेलाइट अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक शर्मा के हालिया एपीओ कर जयपुर बुलाए जाने पर ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। रविवार को स्थानीय लोग, खासतौर पर बीजेपी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई पर आतिशबाजी कर खुशी जाहिर करते और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। भाजपा नेताओं ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप भी लगाए।
भाजपा नेता और बड़गांव के पूर्व सरपंच कैलाश शर्मा, सुखाड़िया विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके डॉ. रवि शर्मा एवं अन्य भाजपा नेता ग्रामीणों के साथ बड़गांव अस्पताल के चौक पर पहुंचे तथा वहां आतिशबाजी कर डॉ. अशोक के खिलाफ की गई कार्रवाई पर खुशी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. शर्मा चिकित्सा सेवा के बजाय राजनीति में अधिक रुचि रखते थे। उन्होंने कहा कि जब तक वह प्रभारी बनने से पहले तक मरीजों को देखते तक नहीं और यहां कांग्रेस की बैठकें करते थे। तब भी उन्होंने इसकी शिकायत तत्कालीन गहलोत सरकार से की। कांग्रेस सरकार होने पर डॉ. अशोक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। तब के जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा से भी कई बार शिकायत की लेकिन वह खुद कांग्रेसी निकले।
विभागीय अनुमति के बगैर किसान आंदोलन में गए
भाजपा नेताओं ने डॉ. अशोक पर आरेाप लगाया कि विभागीय अनुमति के बगैर वह किसान आंदोलन में गए।भाजपा नेताओं के मुताबिक किसान आंदोलन विदेशी फंड से आयोजित आंदोलन था। इस मामले में भी उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर वह शिकायत कर चुके हैं।
मेडिकल विक्रेताओं पद दवाब बनाकर उठाते थे दवाइयां
सेटेलाइट अस्पताल के ठीक सामने विकास मेडिकल स्टोर की संचालिका तारा खंडेलवाल ने डॉ. अशोक पर आरोप लगाया कि वह डॉक्टर नहीं, बल्कि बिजनेस मैन थे। वे दवाओं की शोर्टेज बताकर उन पर दवाब बनाते और दवाइयां देने के लिए मजबूर करते। गौरतलब है कि विकास मेडिकल स्टोर सहित अन्य तीन मेडिकल स्टोर के खिलाफ दो महीने पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने कार्रवाई की थी। जहां अवैध रूप से क्लीनिक संचालित होते पाए गए। इस मामले में विभागीय जांच जारी है कि अस्पताल के ठीक सामने अवैध क्लीनिंक संचालन की जानकारी डॉ. अशोक शर्मा को थी, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर उच्चाधिकारियों को सूचना तक नहीं दी।
मरीजों की गोपनीयता भंग करने का आरोप
डॉ. शर्मा पर भाजपाइयों ने आरोप है कि वह मरीजों का वीडियो बनाकर उनकी बीमारी सार्वजनिक करते थे, विशेषकर कैंसर और टीबी रोगियों की निजता का उल्लंघन करते थे। यहां तक बच्चों की भी वीडियो बनाकर उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करते थे। शनिवार को स्कूली बच्चों का उपयोग कर उनसे प्रदर्शन कराए जाने को भी ग्रामीणों और भाजपाइयों ने गलत करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल भी दोषी हैं। स्कूल समय में बच्चे तख्तियां लेकर कैसे निकले इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
डॉ. शर्मा का नया वीडियो आया सामने, कहा—सोमवार को फिर आउंगा अस्पताल
इस बीच, डॉ. अशोक शर्मा का एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि वह सोमवार को अस्पताल आएंगे और मरीजों से मिलेंगे। उन्हें बताएंगे कि उन्हें किस तरह से दवाइयां लेनी है। जबकि डॉ. शर्मा को अस्पताल और जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय उदयपुर—द्वितीय से रिलीव किया जा चुका है।
