खून की बूंदें बनीं साक्ष्य, हत्यारे को आजीवन कारावास
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बांसवाड़ा, 15 जनवरी : अपराध चाहे कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो, साक्ष्य अंततः सच उजागर कर ही देते हैं। बांसवाड़ा जिले में हत्या के एक सनसनीखेज मामले में न्यायालय ने खून की बूंदों से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसुरेश प्रसाद ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
प्रकरण के अनुसार आंबापुरा थाना क्षेत्र में 20 अक्टूबर 2023 को भोजिया खुर्द निवासी वागजी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पुत्र जीवणा 19 अक्टूबर की सुबह घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव नई रेलवे लाइन के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। मृतक के दोनों हाथ शर्ट व बनियान से बंधे हुए थे। वागजी ने आशंका जताई कि दीपावली मेले के दौरान हुए पुराने विवाद के चलते नरेंद्र मईड़ा एवं गौतम मईड़ा ने उसके पुत्र की हत्या की है।
पुलिस ने अनुसंधान के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों में आरोपी नरेंद्र के कपड़ों पर लगा खून सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण रहा। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में यह खून मृतक जीवणा के रक्त समूह से मेल खाता पाया गया। जांच में यह भी सिद्ध हुआ कि हत्या सिर पर ईंट से वार कर की गई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामसुरेश प्रसाद ने आरोपी गौतम मईड़ा को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि नरेंद्र मईड़ा को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं एक लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगताने के आदेश भी दिए गए।
