ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश की मान्यता दी
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स्टार्मर बोले- इजराइल के अवैध कब्जे को खत्म करने में मदद मिलेगी
लंदन, 21 सितंबर: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने रविवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट से ऐलान किया कि ब्रिटेन फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देगा। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने भी इसी दिशा में कदम उठाया। स्टार्मर ने कहा कि यह कदम इजराइल के अवैध कब्जे को खत्म करने और शांति लाने में मदद करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई फिलिस्तीनी सरकार इजराइल के साथ मिलकर काम करेगी और इसमें हमास की कोई भूमिका नहीं होगी।
नेतन्याहू ने चेतावनी दी- फिलिस्तीनी देश नहीं बनेगा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा का यह कदम आतंकवाद को इनाम देने जैसा है। उन्होंने जॉर्डन नदी के पश्चिम में फिलिस्तीनी देश बनने से साफ इंकार किया और वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों को दोगुना करने का दावा किया। नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि इस मान्यता का जवाब वह अमेरिका लौटकर देंगे।
ब्रिटेन ने क्यों लिया फैसला?
ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने कहा कि यह कदम इजराइल को सजा देने के लिए नहीं है, लेकिन यदि गाजा में सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करती तो शायद यह कदम नहीं उठाया जाता। इससे पहले ब्रिटिश डिप्टी पीएम डेविड लैमी ने बताया कि मान्यता तुरंत नए देश के निर्माण का संकेत नहीं है, बल्कि यह शांति प्रक्रिया और ‘टू स्टेट सॉल्यूशन’ को बनाए रखने का हिस्सा है।
टू स्टेट सॉल्यूशन क्या है?
टू स्टेट सॉल्यूशन के तहत इजराइल और फिलिस्तीन दोनों को अलग-अलग, स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी जाएगी। इस प्रस्ताव का उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष को हल करना है और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है।
