दोस्त की पिस्टल से मौत का मामला
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पिता का आरोप, हत्या है, हादसा नहीं
करणी सेना ने उठाई कड़ी कार्रवाई की मांग
उदयपुर, 17 नवम्बर: उदयपुर के देबारी क्षेत्र में युवक प्रताप सिंह देवड़ा की गोली लगने से हुई मौत के मामले ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया है। जहां पुलिस इसे शुरुआत में दुर्घटना मानकर चल रही थी, वहीं मृतक प्रताप के पिता उदयसिंह ने इसे सोची-समझी हत्या बताया है। उनका कहना है कि उनके बेटे को उसके बचपन के दोस्त और लॉ स्टूडेंट जिगर जोशी ने योजनाबद्ध तरीके से पीठ में गोली मारी है। परिजनों का तर्क है कि यदि यह मजाक था तो गोली सामने से चलती, न कि पीठ पर लगती।
घटना शनिवार शाम की है, जब प्रताप अपने देबारी स्थित खेत में फंसी मोटर को निकालने के लिए अपने मौसेरे भाई राजेंद्र सिंह और दोस्त जिगर को बुलाया था। राजेंद्र के मुताबिक जिगर बिना बताए पिस्टल लेकर आया था और बार-बार गोली मारने की हरकत कर प्रताप को डराने लगा। रोकने पर भी वह नहीं माना और अचानक गोली चल गई, जो प्रताप की पीठ में जा लगी। दोनों प्रताप को निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजन, रिश्तेदार और करणी सेना से जुड़े लोग एमबी हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर जमा हो गए और कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। उनका आरोप है कि जिगर लंबे समय से अवैध पिस्टल लेकर घूम रहा था और हत्या की पीछे कोई पुरानी रंजिश भी हो सकती है। विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और समाज प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई, जिसमें मृतक की पत्नी को संविदा नियुक्ति और मुआवजा देने पर सहमति बनी, जिसके बाद पोस्टमॉर्टम करवाया गया।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जिगर जोशी को हिरासत में ले लिया। वह सिंघानिया लॉ कॉलेज का छात्र है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और दोनों दोस्तों के बयान के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है। परिजनों का कहना है कि जब तक जिगर पर हत्या का केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे न्याय नहीं मानेंगे। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहन तरीके से की जाएगी।
