बेणेश्वर धाम से कांवड़ में पवित्र जल लाकर मंदारेश्वर महादेव का करते हैं जलाभिषेक, निभाते हैं ‘श्रावण वास’ की परंपराउदयपुर, 30 जुलाई : मेवाड़ और वागड़ के आदिवासी अंचलों में श्रावण मास केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, तप, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक अनुशासन का जीवंत उत्सव है। झाड़ोल, कोटड़ा, गोगुंदा, ऋषभदेव, सलूम्बर, सराड़ा, डूंगरपुर […]
अनूठी पहल: चित्तौड़गढ़ पुलिस ने 10 साल से कबाड़ में पड़ी 125 लकड़ी की ढालों का ट्री-गार्ड के रूप में किया पुन: उपयोगउदयपुर, 29 जून: चित्तौड़गढ़ पुलिस ने पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुन: उपयोग का अनूठा उदाहरण पेश किया है। कानून-व्यवस्था और दंगों के दौरान पथराव से पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने […]
उदयपुर, 27 जून (सुभाष शर्मा): कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व की प्रस्तावित योजना केवल बाघों और वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका व्यापक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव मेवाड़ के सैकड़ों गांवों और हजारों ग्रामीणों के जीवन पर पड़ेगा। प्रारंभिक प्रस्तावों के अनुसार रिजर्व के कोर क्षेत्र में आने वाले लगभग 24 गांवों का स्वैच्छिक […]
डॉ. पी. सी. जैन ने 6000 भवनों में गूंजाया ‘कैच द रेन’ का मंत्रधरती की प्यास बुझाने के लिए स्थगित की विदेश यात्रा; ‘देवास फिल्टर तकनीक’ से देश के ऐतिहासिक कुओं और हैंडपंपों को किया पुनर्जीवित।सुभाष शर्माउदयपुर, 20 जून: “व्यक्ति मातृ और पितृ ऋण की बात तो हमेशा करता है, लेकिन जिस धरती ने हमें […]
उदयपुर की झीलों से ज्यादा भा रही स्थानीय बोली, ‘पधारो म्हारे देस’ बन रहा यादगार अनुभवसुभाष शर्माउदयपुर, 19 जून: सिटी पैलेस की भव्यता, पिछोला झील की चमक और अरावली की वादियों के बीच जब कोई विदेशी पर्यटक अचानक “खम्मा घणी” बोल देता है, तो आसपास खड़े स्थानीय लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान खिल उठती […]