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गहलोत के करीबी कांग्रेस नेता के उदयपुर कार्यालय में CGST का छापा

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गहलोत के करीबी कांग्रेस नेता के उदयपुर कार्यालय में CGST का छापा

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मौके पर मौजूद कर्मचारियों व अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज कब्जे में लेकर रवाना हुई टीम
डूंगरपुर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके खोड़निया
उदयपुर, 30 जनवरी:
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया से जुड़ी फर्मों पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई की है। उदयपुर–चित्तौड़गढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर डबोक क्षेत्र में स्थित खोड़निया के कार्यालय पर यह कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। CGST की टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों व अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं।
दिनेश खोड़निया डूंगरपुर जिले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य हैं। जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर CGST की टीमें डबोक स्थित केआरई अरिहंत कार्यालय पहुंचीं, जहां रिकॉर्ड की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान वित्तीय लेनदेन, टैक्स रिटर्न और अन्य कारोबारी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है।
खोड़निया समूह का संचालन उनके बेटे आदिश खोड़निया करते हैं। इससे पहले दिसंबर 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा में स्थित उनके आवास और कार्यालय पर भी छापेमारी की थी। उस दौरान भी ज्वेलरी और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए थे।

रियल एस्टेट और ज्वेलरी का बड़ा कारोबारी खोड़निया


दिनेश खोड़निया का ज्वेलरी और रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार है, जो सागवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। जीएसटी विभाग की कार्रवाई सागवाड़ा स्थित उनके कार्यालय पर भी होने की जानकारी सामने आई है। उनके भाई नरेंद्र खोड़निया सागवाड़ा नगर पालिका के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जिससे उनका स्थानीय स्तर पर प्रभाव माना जाता है।

डेढ़ साल पहले ईडी ने सागवाड़ा कार्यालय में की थी छापेमारी


गौरतलब है कि इससे पहले 13 अक्टूबर 2023 को भी ईडी ने दिनेश खोड़निया के सागवाड़ा कार्यालय पर छापेमारी की थी। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। पेपर लीक प्रकरण और बाबूलाल कटारा से नाम जुड़े होने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। हालांकि उस छापेमारी के बाद अब तक ईडी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

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