पोस्टर-बैनर में खुद को जिलाध्यक्ष बताना पड़ा भारी
Share
NSUI के कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजय राव को कारण बताओ नोटिस, पद के दुरुपयोग का आरोप
चित्तौड़गढ़, 4 जनवरी: कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) में गुटबाजी का मामला एक बार फिर खुलकर सामने आया है। चित्तौड़गढ़ जिले के एनएसयूआई कार्यकारी जिला अध्यक्ष संजय राव को प्रदेश कार्यालय की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उन पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए खुद को जिलाध्यक्ष के रूप में प्रचारित करने का आरोप लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस और उसके अग्रणी छात्र संगठन में चल रही अंदरूनी खींचतान पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रदेश महासचिव मुकेश नरणिया के हस्ताक्षर से जारी नोटिस में बताया गया है कि संजय राव को संगठन द्वारा कार्यकारी जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया के माध्यम से खुद को जिला अध्यक्ष बताया। साथ ही संगठन से जुड़े कार्यक्रमों को अलग से आयोजित करने की भी शिकायत प्रदेश कार्यालय को प्राप्त हुई हैं।
नोटिस में कहा गया है कि इस तरह का आचरण संगठन की संवैधानिक व्यवस्था और अनुशासन के खिलाफ है, जिससे कार्यकर्ताओं में भ्रम, असंतोष और अनुशासनहीनता की स्थिति पैदा होती है। संगठन ने संजय राव को 48 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समय पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सूत्रों के अनुसार संजय राव के स्वागत कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष लिखी नेम प्लेट हाथ में ली हुई थी। इसके बाद कई कार्यक्रमों और प्रचार सामग्री में वे खुद को जिलाध्यक्ष बताते रहे। मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचने पर संगठन ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की।
गौरतलब है कि चित्तौड़गढ़ में एनएसयूआई के अधिकृत जिला अध्यक्ष कन्हैया लाल वैष्णव हैं, जबकि संजय राव को कार्यकारी जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। वहीं, संजय राव ने अपने बचाव में कहा कि कार्यकर्ता उनकी सक्रियता के कारण उन्हें जिलाध्यक्ष मानते हैं और उनका इरादा संगठनात्मक मर्यादा तोड़ने का नहीं था। कारण बताओ नोटिस के बाद अब संगठन और राजनीतिक हलकों की नजरें संजय राव के जवाब पर टिकी हुई हैं।
