देश में क्रूड स्टील उत्पादन में 10 वर्षों में 70% वृद्धि
Share
संसदीय कार्यवाही : सांसद डॉ. रावत के प्रश्न पर केंद्रीय इस्पात मंत्री ने दी जानकारी
उदयपुर, 2 दिसम्बर: देश में क्रूड स्टील उत्पादन में पिछले दस वर्षों में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्रीय इस्पात मंत्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने यह जानकारी संसद में दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004-05 में देश में क्रूड स्टील का उत्पादन 43.44 मिलियन टन (एमटी) था, जो 2014-15 में बढ़कर 88.98 एमटी और 2024-25 में 152.18 एमटी हो गया।
इस्पात आयात और आत्मनिर्भरता
मंत्री ने बताया कि देश में तैयार इस्पात आयात वर्ष 2004-05 में 2.29 एमटी, 2014-15 में 9.32 एमटी और 2024-25 में 9.55 एमटी था। सरकार मूल्यवर्धित इस्पात निर्माण को बढ़ावा देकर और पूंजीगत निवेश आकर्षित कर आयात को कम करने के प्रयास कर रही है। इसके लिए विशेष इस्पात उत्पादों हेतु उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (PLI) योजना शुरू की गई है।
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड की भूमिका
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) हॉट रोल्ड कॉइल, प्लेट्स, शीट्स, गैल्वनाइज्ड स्टील, टीएमटी, स्ट्रक्चरल, पाइप, व्हील, एक्सेल और रेल्स का निर्माण करता है। सेल रेल्स, प्लेट्स और स्ट्रक्चरल उत्पादों में बाजार अग्रणी है और टीएमटी बार में दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है।
स्क्रैप पुनर्चक्रण और नीति
वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान इस्पात उत्पादन के दौरान लगभग 6 मिलियन टन स्क्रैप उत्पन्न हुआ। इसे पुनर्चक्रण के लिए इस्पात मंत्रालय की स्क्रैप पुनर्चक्रण नीति, 2019 मार्गदर्शक रूपरेखा प्रदान करती है। नीति विभिन्न स्रोतों से सृजित फेरस स्क्रैप के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देती है। केंद्रीय इस्पात मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस्पात क्षेत्र एक नियंत्रणमुक्त क्षेत्र है और निवेश, क्षमता संवर्धन, आयात व निर्यात के निर्णय कंपनियों के प्रौद्योगिक-व्यावसायिक विश्लेषण पर आधारित होते हैं। देश शून्य आयात की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
