उदयपुर में घना कोहरा और तेज सर्दी, छह फ्लाइट डिले और एक कैंसिल
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उदयपुर, 4 जनवरी: उदयपुर जिले में तेज सर्दी के बीच कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है। खासकर गोगुंदा और कोटड़ा इलाके में कोहरे के कारण उदयपुर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे 27 पर विजिबिलिटी सिर्फ 50 मीटर तक रह गई। हाईवे पर वाहन चालकों ने हेडलाइट जलाकर ही यात्रा की, वहीं कई जगहों पर सुबह 11 बजे के बाद ही सूर्यदेव के दर्शन हुए। ग्रामीण इलाकों में कोहरे का असर शहरी क्षेत्रों से ज्यादा दिखाई दिया।
गोगुंदा में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि उदयपुर शहर में न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री और अधिकतम 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज सर्दी और कोहरे के कारण रविवार को छह फ्लाइट्स प्रभावित हुईं और एक फ्लाइट कैंसिल कर दी गई। कुछ फ्लाइटें डेढ़ घंटे तक देरी से संचालित हुईं। लगातार तीन दिन से उदयपुर एयरपोर्ट से मौसम के कारण फ्लाइट डिले हो रही हैं।
गोगुंदा पूरी तरह ऊंचे पहाड़ों से घिरा होने के कारण यहां सर्दी माउंट आबू जैसी रहती है। ग्रामीण अलाव तापते और गर्म कपड़ों के सहारे खुद को ठंड से बचा रहे हैं। घरों में गर्म व्यंजन और चाय-सूप की खपत बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने राज्य में अगले एक सप्ताह तक तेज सर्दी, शीतलहर और कोहरे का अनुमान जताया है।
शीतलहर और घने कोहरे का अलर्ट
5 जिलों में शीतलहर और 9 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया। रविवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। जनजीवन पर कोहरे और सर्दी का असर स्पष्ट दिख रहा है, ग्रामीण और शहरवासी दोनों ही इस मौसम से प्रभावित हैं।

कुंभलगढ़ में जमी बर्फ, ओस ने बढ़ाई ठिठुरन
राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ क्षेत्र में रविवार सुबह तेज सर्दी का असर देखने को मिला। शीतलहर के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई। वेरों का मठ वरदड़ा और आसपास के गांवों में ओस और बर्फ की परत जम गई, जिससे ग्रामीणों को कड़ाके की ठंड महसूस हुई। सुबह करीब 6 बजे तापमान गिरकर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। खेतों, छतों और कारों के शीशों पर जमी ओस और बर्फ के कारण ग्रामीण अलाव का सहारा लेते दिखे।
ग्रामीण इलाकों में सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों को घर में रहने की सलाह दी। बढ़ती ठंड से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। सब्जी और रबी की फसलों पर पाले का असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पशुपालकों ने भी मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
