शिक्षा ही गरीब, पिछड़े और वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम: राज्यपाल
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गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय का सप्तम दीक्षांत समारोह, 35 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक
बांसवाड़ा, 8 जनवरी: गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा का सप्तम दीक्षांत समारोह गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित माही भवन में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने 29 अभ्यर्थियों को विद्या वाचस्पति (पीएचडी) की उपाधि तथा 35 मेधावी विद्यार्थियों को उपाधि के साथ स्वर्ण पदक प्रदान किए।
राज्यपाल ने स्नातक स्तर के 29,397, स्नातकोत्तर के 3,903 एवं 29 विद्या वाचस्पति सहित कुल 33,329 विद्यार्थियों को दीक्षा प्रदान की। अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत का उत्सव है। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 35 विद्यार्थियों में से 25 छात्राएं होना समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
राज्यपाल ने कहा कि गरीब, पिछड़े और वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने का सबसे प्रभावी और स्थायी साधन शिक्षा ही है। उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि यही शिक्षा की नींव है और इस स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रतिभाशाली, नैतिक और राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण आवश्यक है। शिक्षा से विकसित हुई बौद्धिक क्षमता को जीवनभर सीखने की भावना के साथ और आगे बढ़ाना चाहिए। आत्मविश्वास, आत्मबल, निरंतर अभ्यास और कठोर परिश्रम से ही सफलता संभव है।
राज्यपाल ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब विश्व में विश्वविद्यालयों की अवधारणा भी नहीं थी, तब भारत में तक्षशिला और नालंदा जैसे महान शिक्षण केंद्र थे। विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को भारत के उस स्वर्णिम गौरव को पुनः स्थापित करने का संकल्प लेना चाहिए।

इससे पूर्व राज्यपाल के विश्वविद्यालय पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। समारोह में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। कुलगुरु प्रो. केशव सिंह ठाकुर ने स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि कुलसचिव कश्मीकौर रॉन ने आभार व्यक्त किया।
समारोह में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह रावल सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद् और बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
