डूंगरपुर के सेंट पॉल स्कूल हॉस्टल में बदहाली से आठ बच्चे बीमार
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बच्चों से मारपीट की भी शिकायत, हिन्दू संगठन उद्वेलित
उदयपुर, 16 सितम्बर
डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर संचालित मिशनरी संस्था सेंट पॉल स्कूल व हॉस्टल में बच्चों की जिंदगी खतरे में डालने वाली भारी अनियमितताएँ सामने आई हैं। जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने सोमवार को अचानक निरीक्षण किया तो यहां गंदगी, अव्यवस्था, बीमार बच्चे, कीड़े लगे चावल और बदहाल भवन का भयावह हाल उजागर हुआ।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रणछोड़लाल डामोर के नेतृत्व में शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, टीएडी, चाइल्ड लाइन और पुलिस विभाग की टीमों ने छापेमारी की। निरीक्षण में— छोटे-छोटे कमरों में 30-30 बच्चों को ठूंसकर रखा गया।
बिजली के खुले तार खतरनाक रूप से लटकते मिले। गंदे बाथरूम और शौचालय से बदबू आ रही थी। पीने के पानी की टंकी में फंगस जमी हुई पाई गई। निरीक्षण के दौरान चिकित्सा विभाग की टीम को 6 लड़के और 2 लड़कियां गंभीर रूप से बीमार मिलीं। सभी को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई बच्चों ने टीम को बताया कि वार्डन लकड़ियों से पिटाई करता है। बच्चों ने अपने शरीर पर पड़े चोट के निशान भी दिखाए।
भोजन में मरा चूहा
फूड सेफ्टी टीम ने रसोई से चावल में कीड़े और मरा हुआ चूहा बरामद किया। खाने की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। जांच में पाया गया कि हॉस्टल में कुल 230 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 152 लड़के और 112 लड़कियां शामिल हैं। सभी बच्चे बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर और सलुम्बर जिलों के आदिवासी समाज से हैं। बच्चों को उनके अभिभावकों की सहमति के बिना यहां रखा जा रहा था। हॉस्टल में धार्मिक तस्वीरें और प्रार्थना स्थल भी मिले। लड़कियों को खुले में स्नान, लड़के गंदे टॉयलेट से बीमार लड़कियों को खुले में स्नान करने की मजबूरी। लड़कों के शौचालय से उठती दुर्गंध के कारण बीमारियां फैल रही थीं। पिछले एक माह में 16 बच्चे गंभीर रूप से बीमार पाए गए।
हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन, बच्चों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराने की मांग
सेंट पॉल स्कूल व हॉस्टल में मिली भारी अनियमितताओं का मामला देर शाम गर्मा गया। मामले की जानकारी पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्कूल को तुरंत सील करने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में आदिवासी बच्चों के साथ ज्यादती की जा रही है। बच्चों ने खुद भी मारपीट, खराब भोजन और मानसिक उत्पीड़न के आरोप प्रशासनिक टीम के सामने लगाए हैं। इधर, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने मौके पर मौजूद बच्चों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। संगठन के लोगों का कहना था कि बच्चों का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई उजागर हो सके।
