बुजुर्ग दम्पती को बनाया डिजिटल अरेस्ट, 78 लाख रुपए ठगे
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दिल्ली बम ब्लास्ट केस में मोबाइल नंबर के उपयोग की दी धमकी
बांसवाड़ा, 23 नवम्बर (विजन 360 न्यूज डेस्क): साइबर ठगों ने बांसवाड़ा शहर में निवासरत बुजुर्ग दम्पती को डिजिटल अरेस्ट बनाकर 78 लाख रुपए की ठगी कर ली। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग का मोबाइल नंबर दिल्ली बम ब्लास्ट में उपयोग में लेने की धमकी देने के बाद एक बैंक खाते में रुपए जमा कराए। इसके बाद और राशि की मांग पर बुजुर्ग दंपती ने अपने बेटे से बात की। तब उन्हें साइबर ठगी का पता चला। बुजुर्ग ने साइबर थाने में रिपोर्ट देकर धोखाधड़ी से हड़पे रुपए वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
शहर के पैलेस रोड निवासी 75 वर्षीय सत्यनारायण पुत्र देवीलाल दोसी ने साइबर थाने में अपने साथ धोखाधड़ी को लकर रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि 19 नवम्बर को दोपहर करीब 12 बजे उसके मोबाइल वाट्सअप नंबर पर अज्ञात व्यक्ति का 8824473759 नंबर से वाट्सअप कॉल आया। कॉलर ने अपना नाम प्रेम कुमार और दिल्ली और मुंबई का बड़ा पुलिस अधिकारी बताया। कुछ देर बाद 8824473759, 7386375995 से लगातार वीडियो कॉल कर कहा कि आपके खिलाफ दिल्ली में मनीलॉड्रिंग का केस हुआ है। दिल्ली बम ब्लास्ट केस में भी आपके मोबाइल नम्बर का प्रयोग हुआ है। केस से निकलना है तो आधार कार्ड बताओ। डर के मारे बुजुर्ग ने काॅलर को मोबाइल पर अपना आधार कार्ड नंबर बता दिया। बाद में बुजुर्ग की पत्नी का मोबाइल नंबर लेकर उस पर भी वाट्सअप काॅल किया।
30 घंटे तक रखा डिजिटल अरेस्ट
रिपोर्ट में बुजुर्ग सत्यनारायण ने बताया कि आरोपियों ने उसे और पत्नी को 5 करोड़ रुपए के घोटाले में लिप्त बताया। साथ ही बैंक खाते में रखे रुपए सहित एफडी आदि तोड़कर बचत बैंक खाते में जमा कराने को कहा। बाद में खुद के बताए बैंक खाते में आरटीजीएस से रुपया जमा होने पर केस से बरी करने को कहा। रिपोर्ट के अनुसार 20 नवम्बर को करीब 30 घंटे तक बुजुर्ग दंपती के वाट्सअप काॅल आॅन रखे और घर में ही डिजिटल अरेस्ट रखा। साथ ही दो पुलिसकर्मी साधारण वेश में घर के बाहर तैनात रखने की भी बात कही।
पत्र भेजकर बताया बैंक खाता नंबर
20 नवम्बर को ही आरोपियों ने बुजुर्ग दंपती को बैंक जाने को कहा। इसके बाद दोनों ने अपनी एफडी तुड़वाकर बचत खाते में जमा करा दी। आरोपियों ने वाट्सएप पर एक पत्र भेजा, जिसमें यस बैंक का खाता संख्या 063988700000098 और आईएफएससी कोड लिखा था। आरोपियों के धमकाने पर दंपती ने बचत खाते से आरटीजीएस कर 78 लाख रुपए आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में जमा करा दिए। बाद में और रुपए की मांग की तो संदेह होने पर बेटे को बताया। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ। बुजुर्ग ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर रुपए वापस दिलाने और अज्ञात व्यक्तियो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
