हर सातवां बिजली कनेक्शन कटा, एवीवीएनएल के सामने वसूली और आपूर्ति की दोहरी चुनौती
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सुभाष शर्मा
उदयपुर, 14 जनवरी: देश में ऊर्जा प्रबंधन और राजस्व वसूली को लेकर जब बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, उसी बीच राजस्थान के अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) के उदयपुर सर्किल से सामने आए आंकड़े बिजली व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर कर रहे हैं। यहां करीब हर सातवां बिजली कनेक्शन कटा हुआ है, जो न सिर्फ विभाग की आर्थिक सेहत पर सवाल खड़े करता है, बल्कि शहरी-ग्रामीण उपभोक्ताओं की भुगतान क्षमता और व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी गंभीर संकेत देता है।
एवीवीएनएल के उदयपुर सर्किल में कुल 7 लाख 77 हजार 280 बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें से 1 लाख 10 हजार 742 कनेक्शन कटे हुए हैं। यानी वर्तमान में केवल 6.67 लाख कनेक्शन ही एक्टिव हैं। इनमें 2.51 लाख शहरी और 5.27 लाख ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता शामिल हैं। बड़ी संख्या में कनेक्शन कटे होने से स्पष्ट है कि बिजली बिल वसूली और नियमित आपूर्ति दोनों ही मोर्चों पर विभाग को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
कृषि क्षेत्र की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। उदयपुर सर्किल में 60 हजार 450 कृषि कनेक्शन नियमित हैं, जबकि 4 हजार 740 कृषि कनेक्शन कटे हुए हैं। वहीं, शहरों और गांवों की बुनियादी सुविधा मानी जाने वाली स्ट्रीट लाइट व्यवस्था भी प्रभावित है। कुल 1191 स्ट्रीट लाइट कनेक्शनों में से 227 कनेक्शन बंद पड़े हैं, जिनमें 764 शहरी और 427 ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।
एवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक केपी. वर्मा बताते हैं कि निगम का कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। निगम 14 जिलों के 87 हजार 256 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति कर रहा है। इसके लिए 56 सर्किल और 215 उपखंड कार्यरत हैं। डिस्कॉम के अंतर्गत 33 केवी के 2072 सब-स्टेशन हैं और पूरे क्षेत्र में कुल 56 लाख 97 हजार 360 बिजली कनेक्शन मौजूद हैं।
तकनीकी ढांचे की बात करें तो एवीवीएनएल के पास 11 केवी के 10 हजार 572 फीडर हैं, जिनमें 1182 शहरी और 9 हजार 390 ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा 431 कृषि फीडर और 165 औद्योगिक फीडर भी नेटवर्क का हिस्सा हैं।
ये आंकड़े बताते हैं कि नेटवर्क भले ही विशाल हो, लेकिन बड़ी संख्या में कटे कनेक्शन बिजली विभाग के सामने राजस्व, प्रबंधन और उपभोक्ता संतुलन की राष्ट्रीय स्तर की चुनौती बनते जा रहे हैं।
