LOADING

Type to search

फेस रिकॉग्निशन तकनीक से होगी से अपराधियों की पहचान : डॉ अय्यर

Local

फेस रिकॉग्निशन तकनीक से होगी से अपराधियों की पहचान : डॉ अय्यर

Share


सुभाष शर्मा
उदयपुर, 30 नवम्बर
: आधुनिक फेस रिकॉग्निशन तकनीक के आधार पर कई आपराधिक मामलों की जांच और अपराधियों की पहचान अब पहले से अधिक तेज़ और सटीक हो सकती है। अहमदाबाद स्थित फॉरेंसिक साइंस एंड साइबर सिक्योरिटी संस्थान नर नारायण शास्त्री इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य साइबर सिक्योरिटी और फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. शैलेश अय्यर ने यह जानकारी दी। डॉ. अय्यर इन दिनों मेवाड़—वागड के दौरे पर हैं और इस बीच उनसे बातचीत का अवसर मिला।
डॉ. अय्यर ने बताया कि अपराधों की सटीक जांच केवल नवीनतम तकनीकी सुविधाओं जैसे एआई, फॉरेंसिक विज्ञान और साइबर सिक्योरिटी के संयोजन से ही संभव है। उन्होंने बताया कि परिणाम हमेशा एक समान नहीं होते, इसलिए मानवीय समीक्षा और निगरानी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा, फॉरेंसिक साइंस सबूतों की समीक्षा, साइबर सिक्योरिटी डेटा संरक्षण और तथ्यात्मक अन्वेषण तथा एआई निष्कर्षों की सटीकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके अलावा लंबी घटनाओं और अपराधियों की पहचान में साइकोलॉजी का उपयोग भी कारगर साबित हो सकता है।
डॉ. अय्यर का कहना है कि आमजन को जागरूक रहना होगा क्योंकि ऑनलाइन गतिविधियों और साइबर अपराधों पर नियंत्रण केवल तकनीक से नहीं, बल्कि सतर्कता और सही उपयोग से ही सुनिश्चित हो सकता है। उनके अनुसार फेस रिकॉग्निशन के माध्यम से अपराध अनुसंधान और नियंत्रण में एक नया युग प्रारंभ हो चुका है, जो अपराधियों की पहचान और जांच को पहले से अधिक प्रभावी और समयोचित बनाएगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *