नहीं रहे वागड़ की प्यासी धरती तक पानी पहुंचाने वाले पूर्व मुख्य अभियंता डीएम सिंघवी
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उदयपुर, 8 नवम्बर: वागड़ क्षेत्र में पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने वाली माही परियोजना के पूर्व मुख्य अभियंता डीएम सिंघवी का निधन हो गया। उन्होंने 1985 से 1989 तक अपने कार्यकाल में वागड़ की प्यासी धरती को पानी पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्ष 1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने माही की नहरों में जल प्रवाह का शुभारंभ किया था। इसके बाद डीएम सिंघवी ने माही परियोजना को मजबूत आधार प्रदान किया। उनके मार्गदर्शन में माही सागवाड़ा नहर (जो अब भीखाभाई सागवाड़ा नहर के नाम से जानी जाती है) और आनंदपुरी केनाल (अब हरिदेव जोशी नहर) का निर्माण शुरू हुआ। इसी दौरान माही नदी और अनास नदी पर सायफन डिजाइनिंग का कार्य भी इनके निर्देशन में हुआ, जिससे पूरे नहरी तंत्र को मजबूती मिली।
सेवानिवृत्त सहायक अभियंता भंवर पांचाल ने बताया कि उनके कार्यकाल में माही जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया गया और वागड़ की धरती के कायाकल्प की नींव रखी गई।
माही दर्शन फिल्म के निर्देशक प्रदीप द्विवेदी ने बताया कि डीएम सिंघवी ने माही परियोजना की गाथा को सुरक्षित करने के लिए ‘माही दर्शन’ नामक डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनवाई थी। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बांसवाड़ा यात्रा के दौरान उन्होंने परियोजना की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी थी। डीएम सिंघवी माही परियोजना से जुड़े कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल रहे। बांसवाड़ा के आजाद चौक में पहली वागड़ी फिल्म ‘तणवाटे’ के मुहूर्त में वे प्रमुख अतिथि थे। उनके योगदान को वागड़ की जनता सदैव याद रखेगी।
