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भारतीय ज्ञान परंपरा से बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने पर जोर: राज्यपाल बागड़े

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भारतीय ज्ञान परंपरा से बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने पर जोर: राज्यपाल बागड़े

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महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ली बैठक

उदयपुर, 26 सितम्बर: राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े ने कहा कि भारत ज्ञान की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राष्ट्र है। वैज्ञानिकों और प्रोफेसर्स को चाहिए कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा का अनुसंधान और शिक्षा में उपयोग करें, ताकि बच्चों की बौद्धिक क्षमता को और अधिक विकसित किया जा सके।
राज्यपाल बागड़े यह उदयपुर प्रवास के दौरान महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और संबद्ध महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं की बैठक ले रहे थे। उन्होंने भारद्धाज ऋषि सहित अन्य प्राचीन ज्ञानियों के ग्रंथों का उदाहरण देते हुए सुझाव दिया कि ऐसी पुस्तकों को विश्वविद्यालय पुस्तकालय में रखा जाए और उनका अध्ययन एवं अनुसंधान कराया जाए। उनका कहना था कि इससे युवा पीढ़ी में देश के प्रति सम्मान और प्रेम का भाव बढ़ेगा।
राज्यपाल ने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और अमेरिका सहित विश्व भारतीय टैलेंट पर निर्भर है। 1998 के परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद भारत मजबूत खड़ा रहा। बागड़े ने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में चल रही गतिविधियों की जानकारी भी ली और नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों को उनके स्थानीय परिवेश से जोड़कर पढ़ाने पर जोर दिया।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अजीतकुमार कर्नाटक, सचिव अशोक कुमार और वित्त नियंत्रक दर्शना गुप्ता द्वारा साफा पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. नारायणलाल पंवार (नवीकरणीय ऊर्जा इंजीनियरिंग) और डॉ. विनोद सहारण (आणविक जीवविज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी) का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।
बैठक के बाद राज्यपाल बागड़े कुछ समय सर्किट हाउस में रहे और माउंट आबू प्रस्थान किया। वे 27 सितम्बर को दोपहर बाद उदयपुर लौटेंगे और शाम को डबोक एयरपोर्ट से जयपुर के लिए रवाना होंगे।

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