ग्रामीणों के नाम फर्म खोल बना दिया टैक्सपेयर, गांव में गेहूं हो गए बंद
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सूरत में धोखा खाया, सायरा में दर्ज कराई रिपोर्ट
आदिवासी योजना के नाम पर दस्तावेजों से धोखाधड़ी
उदयपुर, 10 सितम्बर
आदिवासी योजना के नाम पर पैसा दिलाने का झांसा देकर कुछ लोगों द्वारा ग्रामीणों से दस्तावेज लेकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। सायरा मूल के रहने वाले पीड़ितों के साथ धोखाधड़ी सूरत में हुई और उन्होंने सायरा आकर पुलिस में मामला दर्ज करवाया। सामने यह भी आया कि उनके नाम से फर्म खोल उन्हें टैक्सपेयर दर्शा दिया गया जिससे गांव की खाद्य सुरक्षा की सूची से उनका नाम हट गया।
पुलिस के अनुसार सायरा निवासी लेहरीलाल पुत्र लालूराम भील ने थाने में रिपोर्ट दी कि फरवरी 2024 में हरीसिंह शक्तावत निवासी पालछ गुंदाली उसे और अन्य ग्रामीणों को यह कहकर सूरत ले गया कि केन्द्र सरकार की आदिवासी योजना में प्रति व्यक्ति 2.50 लाख और 60 हजार रुपए का लाभ मिलेगा। भरोसा दिलाकर आरोपियों ने आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और जन आधार जैसे मूल दस्तावेज अपने पास रख लिए।
सूरत पहुंचने पर जबरन आधार में पता बदलवाकर पोलरिस शॉपिंग सेंटर, सारोली दर्ज करा दिया गया। इसके बाद पीड़ितों को हितेश जैन को सौंप दिया गया, जिसने स्थायी नौकरी और वेतन का लालच दिया। आरोपियों ने कई खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और दस्तावेज अपने पास रख लिए। शुरुआत में चार लोगों को 60 हजार रुपए दिए गए, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। दस्तावेज वापस मांगने पर धमकियां दी गईं।
इधर, इस सारे घटनाक्रम के बाद पता चला कि गुंदाली पंचायत की हालिया सूची में पीड़ितों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से बाहर कर दिया गया और उनके परिवार को मिलने वाले गेहूं बंद हो गए। आंरभिक जांच में पता चला कि उनके नाम से सूरत में फर्म पंजीकृत हो गई और वे टैक्सपेयर हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
