नानी-नाती हत्याकांड : लूट नहीं, रंजिश निकली असली वजह
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घोड़ासर हत्याकांड में जमाई सहित दो गिरफ्तार
तकनीकी जांच ने खोला रिश्तेदारी का काला सच, पत्नी को मायके भेजने की रंजिश बनी हत्या की वजह
सलूंबर, 9 दिसंबर: सेमारी थाना क्षेत्र के घोड़ासर गांव में 5 दिसंबर की रात हुई वृद्ध महिला और मासूम दोहिते की नृशंस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव ने बताया कि मामला लूट का नहीं बल्कि पारिवारिक रंजिश का था और चौंकाने वाली बात यह कि हत्यारा कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि मृतका का सगा जमाई ही निकला। पुलिस ने आरोपी गंगाराम मीणा (28) और उसके साथी बबलू मीणा (21) को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना के दिन पीड़ित धन्ना मीणा सत्संग में गया हुआ था। देर रात पड़ोसी ने घर में हलचल की सूचना दी। घर लौटने पर उसने अपनी 60 वर्षीय पत्नी गौरी और 5 वर्षीय भांजे सुरेश को खून से लथपथ मृत पाया। महिला के दोनों पैर पंजे से ऊपर कटे मिले और गले पर गहरा वार था। बच्चे के सिर और गर्दन पर भी धारदार हथियार से कई प्रहार किए गए थे। साथ ही चांदी के कड़े, डुंडी और सोने का काटा गायब था।
एएसपी रतन चावला, डीएसपी चांदमल सिंगारिया, सेमारी–झल्लारा पुलिस, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीमों ने तकनीकी व फील्ड इनपुट के आधार पर दो युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में गंगाराम टूट गया और पूरी साजिश सामने रख दी। उसने स्वीकार किया कि उसकी पत्नी पिछले एक माह से मायके में रह रही थी और सास द्वारा नहीं भेजे जाने से वह बेहद आक्रोशित था। इसी रंजिश में उसने साथी बबलू के साथ मिलकर देर रात घर में घुसकर पहले महिला और फिर बच्चे की हत्या की, ताकि वारदात को लूट जैसा दिखाया जा सके।
