ईडाणा माता: देवी करती हैं अग्नि स्नान
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उदयपुर की अरावली पहाड़ियों में स्थित अद्भुत शक्ति पीठ
उदयपुर, 30 सितम्बर (सुभाष शर्मा): राजस्थान के उदयपुर से करीब 60 किलोमीटर दूर अरावली की पहाड़ियों में स्थित ईडाणा माता मंदिर अपने चमत्कारी अग्नि स्नान के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि माता समय-समय पर स्वयं अग्नि स्नान करती हैं, जिसमें चढ़ावे की सामग्री भस्म हो जाती है, लेकिन देवी की मूर्ति और धारण की चुनरी सुरक्षित रहती है।
अग्नि स्नान का रहस्य
कहा जाता है कि अचानक आग की लपटें 10 से 20 फीट तक उठती हैं और चुनरिया, श्रृंगार सामग्री, भोग आदि राख हो जाते हैं। यह घटना किसी आश्चर्य से कम नहीं, क्योंकि देवी की प्रतिमा को कोई नुकसान नहीं होता।
परंपरा और मान्यता
मंदिर की खासियत यह है कि यहां छत नहीं है और माता खुले आसमान के नीचे बरगद के पेड़ तले विराजमान हैं। आग को देवी की आत्मशुद्धि माना जाता है, इसलिए मंदिर परिसर में अगरबत्ती जैसी वस्तुएं नहीं जलाई जातीं। अग्नि प्रकट होने पर पुजारी माता के आभूषण उतार लेते हैं और अग्नि शांत होने पर नया श्रृंगार किया जाता है।
रोग निवारिणी स्वरूप
ईडाणा माता को रोग निवारिणी भी कहा जाता है। लकवे से पीड़ित लोग यहां आकर स्वस्थ होने का विश्वास रखते हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त त्रिशूल और चुनरी चढ़ाते हैं।
ऐतिहासिक महत्व
इतिहासकार मानते हैं कि इस शक्ति पीठ का संबंध पांडव काल से है। मेवाड़ के राजा जयसिंह ने भी यहां पूजा की थी। ईडाणा माता मंदिर आज भी आस्था, रहस्य और चमत्कार का अद्वितीय संगम है।
