राजस्थान में 639 पीएम-श्री विद्यालय, गुणवत्ता सुधार के लिए सरकार ने लागू की कई योजनाएं
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सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रश्न पर केंद्रीय राज्य मंत्री का जवाब
उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में 58 पीएम-श्री विद्यालय
उदयपुर, 9 दिसंबर: राजस्थान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत 639 पीएम-श्री विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। देशभर में पीएम-श्री विद्यालयों की संख्या 13,000 से अधिक है। उदयपुर लोकसभा क्षेत्र में उदयपुर, डूंगरपुर, सलूंबर और प्रतापगढ़ जिलों में कुल 58 पीएम-श्री विद्यालय हैं, जिन पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6 करोड़ रुपये से अधिक व्यय किया गया।
सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा पीएम-श्री विद्यालयों के उन्नयन, क्षमता निर्माण, स्वीकृत धनराशि और गुणवत्ता मानकों की निगरानी के संबंध में संसद में पूछे गए प्रश्न का केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने जवाब दिया। मंत्री ने बताया कि उदयपुर में 22, सलूंबर में 8, डूंगरपुर में 14 और प्रतापगढ़ में 14 पीएम-श्री विद्यालय चल रहे हैं।
पीएम-श्री योजना की प्रमुख विशेषताएं
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि पीएम-श्री योजना के तहत विद्यालयों में कंप्यूटर लैब, आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, इंटरनेट सुविधा, व्यावसायिक कौशल शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, एकीकृत विज्ञान प्रयोगशाला, खेल सुविधाओं से सुसज्जित मैदान, नवाचार परिषद, मिशन लाइफ के लिए युवा एवं इको क्लब, प्राथमिक कक्षा के लिए बाला फीचर्स और जादुई पिटारा, 10 बैग-रहित दिन, बच्चों की उपस्थिति की निगरानी हेतु चाइल्ड ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर, कार्यशील शौचालय और हरित विद्यालय जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
निगरानी और समयसीमा
एनईपी 2020 के कार्यान्वयन में विभिन्न समय-सीमा और प्रक्रियाओं का प्रावधान है। 2030-40 तक पूरी नीति को लागू करने के बाद व्यापक समीक्षा की जाएगी। पीएम-श्री विद्यालयों में गुणवत्ता मानकों के पालन की कड़ी निगरानी की जा रही है। योजना के तहत 33 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों से कुल 13,076 विद्यालयों का चयन किया गया है, और नियमित मूल्यांकन से सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी विद्यालय समय पर निर्धारित मानक पूरे करें।
