भारत धर्मशाला नहीं, केवल भारतीय ही यहां रहें: पंजाब के राज्यपाल कटारिया
Share
एसआईआर प्रक्रिया से संसाधन और नागरिक अधिकार होंगे सुरक्षित
उदयपुर, 30 नवम्बर: देश के 12 राज्यों में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर जारी बहस के बीच पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने रविवार को उदयपुर में कहा कि सुरक्षा और पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं का उद्देश्य देश की व्यवस्था और नागरिक हितों की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भारतीय नागरिक हैं, वे यहां सम्मान और खुशहाली से रहें, जबकि जो बाहरी लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें अपने देश लौट जाना चाहिए। उन्होंने कहा—“भारत कोई धर्मशाला नहीं है कि कोई भी आकर इसका उपयोग करता रहे।”
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में पहुंचे कटारिया ने कहा कि SIR प्रक्रिया से यह स्पष्ट होना जरूरी है कि देश में किसकी पहचान पंजीकृत है, कौन नागरिक है और कौन वर्षों से अवैध रूप से रह रहा है। इसके माध्यम से संसाधनों की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों को और मजबूत किया जा सकेगा।
उन्होंने यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग ले रहे खिलाड़ियों की प्रतिभा की सराहना की। कटारिया ने कहा कि खेल युवाओं के भविष्य को अनुशासित और सुरक्षित बनाते हैं। खेलों से न सिर्फ शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि आत्मविश्वास, टीम भावना और अनुशासन भी विकसित होता है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स देश की युवा प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहे हैं और ऐसे आयोजनों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।
