बायोपिक बनाने के नाम पर इंदिरा आईवीएफ के मालिक से 30 करोड़ की ठगी
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उदयपुर के डॉक्टर ने डायरेक्टर विक्रम भट्ट समेत आठ पर दर्ज कराया केस
चार फिल्मों के लिए 47 करोड़ का सौदा, दो ही बनीं
उदयपुर, 17 नवम्बर: उदयपुर में एक नामी डॉक्टर से उनकी दिवंगत पत्नी की स्मृति में फिल्म बनाने का झांसा देकर 30 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भूपालपुरा थाना पुलिस ने शिकायत के बाद बॉलीवुड निर्देशक विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट, प्रोड्यूसर मेहबूब अंसारी, उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गोविंदपुरा एमबी कॉलेज के सामने निवासी इंदिरा आईवीएफ के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने रिपोर्ट में बताया कि वे यूएसएम म्यूजिक ग्रुप से जुड़े होने के कारण उदयपुर के दिनेश कटारिया के संपर्क में आए। कटारिया ने दावा किया कि उसकी मुंबई के फिल्म जगत में गहरी पैठ है और वह बायोपिक बनवाने में मदद कर सकता है। 25 अप्रैल 2024 को कटारिया उन्हें मुंबई लेकर गया, जहां उसने निर्देशक विक्रम भट्ट से मुलाकात करवाई। भट्ट ने दो फिल्मों डॉ. मुर्डिया की बायोपिक और “महाराणा-रण”के निर्माण में 40 करोड़ की वित्तीय साझेदारी का प्रस्ताव दिया। विश्वास दिलाने के बाद डॉ. अजय ने पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ 50 लाख रुपए आरटीजीएस किए।
इसके बाद भट्ट दंपती उदयपुर आए और चार फिल्मों के निर्माण के लिए 47 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया, साथ ही 100-200 करोड़ मुनाफे का लालच दिया। डॉक्टर की फर्म इंदिरा एंटरटेनमेंट LLP से अलग-अलग नामों से जुड़े कर्मचारियों के खातों में लगभग 2.45 करोड़ रुपए ट्रांसफर कराए गए, जबकि कुल भुगतान 42.70 करोड़ रुपए से अधिक हुआ।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, तय चार फिल्मों में से केवल दो रिलीज हुईं, एक आंशिक रूप से निर्मित हुई और चौथी फिल्म “महाराणा-रण” की शूटिंग तक शुरू नहीं की गई। अकेले इस फिल्म में लगभग 25 करोड़ रुपए गबन होने का आरोप है। बाद में आरोपियों ने 11 करोड़ रुपए और मांगे।
डॉ. अजय का आरोप है कि कुल मिलाकर आरोपियों ने 30 करोड़ रुपए से अधिक हड़प लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वित्तीय लेनदेन एवं अनुबंधों की गहन जांच शुरू कर दी है।
